फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भेड़िए की दहशत: रात भर बारी-बारी से जागकर कट रही हैं रातें, सन्नाटे के बीच में जागते रहो की आवाजें, बिजली गायब

Fri, 06 Sep 2024 09:08 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच

सार

Wolf terror in UP: यूपी के बहराइच जिले में भेड़िए की दहशत अब भी बरकरार हैं। पता नहीं भेड़िया कब किसको अपना नेवाला बना ले। प्रशासन के दावे तो बहुत हैं लेकिन लोगों को अपनी सुरक्षा खुद से ही करनी पड़ रही है। 
विज्ञापन
यूपी के बहराइच में भेड़िए की दहशत। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 भेड़ियों की दहशत...। भयभीत करने वाली काली रात...। सन्नाटे को चीरती जागते रहो पहरे की आवाज और बेहतर बिजली सप्लाई के वादों के बीच गांवों में घुप्प अंधेरा। यही हाल है भेड़ियों के हमलों से प्रभावित अधिकतर गांवों का। अमर उजाला टीम की पड़ताल में महसी ग्राम पंचायत की कहानी भी यही रही।

विज्ञापन


स्थानीय निवासी रामचंदर ने बताया कि साहब... फूस का घर है और दरवाजे की जगह पर टटिया लगी है। मैं भेड़िये से सुरक्षा के लिए ग्रामीणों के साथ रखवाली करता हूं। रात में किसानों के साथ खेत भी जाता हूं। इस दौरान टटिया तोड़कर भेड़िये के भीतर घुसने का खतरा रहता है। इस कारण पत्नी व बच्चों को पड़ोसी के छत पर सुलाता हूं...।

बिजली रहती नहीं, वन टीम सिर्फ एनाउंस तक सीमित
महसी निवासी अमृत लाल, सुशील, रामगोपाल ने बताया कि गांव में वन व राजस्व टीम नहीं आती है। एनाउंस करने वाले आते हैं। एक-दो बार ड्रोन उड़ाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि दरवाजे, सोलर लाइट अभी नहीं लगी है। खूब बिजली कटौती हो रही है।
विज्ञापन


मचान बनाकर निगरानी करते मिले ग्रामीण
जगीर गांव में घुसते ही एक मचान बनी दिखी, जिसपर अलियार बैठे नजर आए। उन्होंने बताया कि भाला लेकर ग्रामीणों के साथ मचान पर बैठते हैं, ताकि भेड़िये की दस्तक पर तत्काल ग्रामीणों को सूचना दे सकें। पास में मौजूद उनके साथियों इदरीश, विशाल, कृपा, सहादत ने बताया कि सभी लगातार पहरा देते हैं। फसलों की निगरानी भी करते हैं, क्योंकि जिंदगी के लिए अन्न भी जरूरी है।

विज्ञापन

सिंगिया में दिखा भेड़िया, ग्रामीणें ने की घेराबंदी

ऐसे कट रही हैं लोगों की रातें। - फोटो : अमर उजाला।
टीम जब सिंगिया पहुंची तो वहां ग्रामीण भेड़िया-भेड़िया का शोर मचाते मिले। मक्के के खेत के पास मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की गई तो नफीस, बुनियाद हुसैन ने बताया कि कुछ देर पहले भेड़िया दिखा है। उसी की घेराबंदी की गई है।

टीम आती है, बंद गाड़ियों में घूमकर चली जाती है
औराही गांव के संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि उनके गांव में टीम आती है। एसी वाहनों में बैठी रहती है। गांव का चक्कर काटकर चली जाती है। यहां खेतों में कभी जाल लगाकर कांबिंग करते नहीं देखा।

रात में तीन बजे आई बिजली
औराही निवासी अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि लगातार जारी हमलों के बीच बिजली व्यवस्था चौपट है। मंगलवार को रात तीन बजे बिजली आई, जबकि औराही में भेड़ियों ने तीन लोगों को घायल किया है। बगल के गांव मक्कापुरवा में एक बालक को मौत के घाट उतार दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें