बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या मुसलमानों की तस्करी करने वाले सिंडिकेट को सामाजिक कार्यों के नाम पर ब्रिटेन और जर्मनी की संस्थाओं के जरिये टेरर फंडिंग की जा रही थी। पाकिस्तान, सीरिया, तुर्किये आदि देशों में सक्रिय आतंकी संगठन जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए यह तरीका अपना रहे थे। एटीएस ने दिल्ली के डॉ. अब्दुल गफ्फार की तलाश तेज कर दी है, जिसके बैंक खाते में यह रकम आती थी।