लखनऊ। सरकारी नाली के विवाद में गैर इरादतन हत्या के दोषी राम सरन और राम सागर को एडीजे हुसैन अहमद अंसारी ने 10 दस साल की कैद और दोनों को 20,500 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
वादी कैलाश ने इटौंजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक तीन अक्तूबर 2009 को सरकारी नाली के विवाद के चलते राम सरन, राम सागर और एक नाबालिग से राम औतार का विवाद हुआ था। तीनों ने वादी के पिता राम औतार पर कुदाल से हमला कर दिया था। इलाज के दौरान राम औतार की सात अक्तूबर को मौत हो गई थी। नाबालिग के खिलाफ बाल न्यायालय में सुनवाई चल रही है।