लखनऊ के चिनहट इलाके में नित्यक्रिया के लिए सोमवार तड़के साढ़े तीन बजे घर से निकली 13 साल की किशोरी को कुछ लोगों ने बंधक बना लिया। दुपट्टे से उसके हाथ-पैर बांधकर सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध पर दुपट्टे से उसका गला कस दिया और मरणासन्न समझकर भाग निकले।
इधर, आधे घंटे तक जब किशोरी घर नहीं आई तो परिजन ने उसे तलाशना शुरू किया। करीब छह घंटे तलाशने के बाद सुबह दस बजे किशोरी को खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच अधमरी हालत में पड़ा देखा। सबसे पहले उसके चचेरे भाई मौके पर पहुंचे और बाइक से लोहिया अस्पताल ले गए।
फिर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पीड़िता की बड़ी बहन ने बताया कि किशोरी के गले और पैर में दुपट्टा बंधा हुआ था। शरीर में कोई हरकत नहीं थी। सिर्फ सांस चल रही थी। कपड़ों में खून लगा था।
मामले में गांव के तीन युवकों के नाम सामने आए हैं। किशोरी के भाई ने तीनों युवकों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। पुलिस ने दो को हिरासत में लिया है। कुछ सीसीटीवी फुटेज भी मिली हैं।
बहन बोली- सामूहिक दुष्कर्म हुआ
अस्पताल में मौजूद किशोरी की बड़ी बहन ने बताया कि नित्यक्रिया के लिए जाते वक्त पीछे से कुछ लोगों ने उनकी बहन को पकड़ लिया और कोई स्प्रे डाल दिया। इससे वह अचेत हो गई। उन्होंने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। हालांकि, किसी पर कोई शक नहीं जताया है।
इधर, पुलिस बता रही दुष्कर्म
पुलिस का दावा है कि किशोरी के साथ एक व्यक्ति ने दुष्कर्म किया। इसलिए सिर्फ दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज किया है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि किशोरी की बहन की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हुई हैं। किशोरी की हालत स्थिर है।
कर्ज के चलते अधूरा रह गया था शौचालय का निर्माण
पीड़िता की बड़ी बहन ने बताया कि फरवरी में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा था। इस बीच भाई की शादी हुई तो कर्ज के चलते निर्माण अधूरा रह गया। किशोरी सातवीं की छात्रा है। परिवार में पिता, मां, तीन भाई और पांच बहनें है। सभी भाई मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं।