हिंसा की चपेट में बहराइच।
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रविवार को हुई हिंसा के बाद ही इलाके में तनाव था। डीएम और एसपी समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी देर रात मौके पर पहुंचे थे। रामगोपाल के घर भी भारी फोर्स की तैनाती कर दी गई। लेकिन सोमवार को जब भीड़ लाठी-डंडों से लैस होकर आगे बढ़ी तो पुलिस उनको काबू नहीं कर सकी। भीड़ बवाल और आगजनी करती रही और पुलिसकर्मी इधर उधर भागते रहे। कुछ घंटे तक हालात बेकाबू रहे। पूरा इलाका आक्रोशित भीड़ ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की और कंपनियां जब पहुंचीं, उच्चाधिकारी आए तब कुछ बवाल शांत हो सका। हालांकि इसके बाद भी पूरे जिले में छिटपुट हिंसा जारी रही।
उपद्रवियों को खदेड़ते अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश।
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मामला बिगड़ा देख एडीजी लॉ एंड ऑर्डर व एसटीएफ एडीजी अमिताभ यश भी सोमवार दोपहर में बहराइच पहुंचे। उपद्रवियों का बवाल देखकर वह खुद हाथ में पिस्टल लेकर सड़क पर उतरे। उन्हें अकेले ही दौड़ा लिया। हालांकि इसके पहले उपद्रवियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की। इस बीच जब सीधी पिस्टल तानकर अमिताभ दौड़े और एक राउंड फायरिंग की तब उपद्रवी पीछे हटे।
जहां जो मिला उसे फूंक दिया
भीड़ से पुलिस का नियंत्रण खत्म हो चुका था। इसलिए दूसरे समुदाय का जो भी कुछ मिला उसको तोड़ दिया या फिर आग के हवाले कर दिया। भीड़ बदले की आग में उत्पात मचाती रही। पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर उनको खदेड़ रही थी। लेकिन लोग तितर-बितर होने के बाबद फिर जुट जा रहे थे। महराजगंज में टीवीएस और हीरो के शोरूम को भी जला दिया।
रात में शहर के कई जगहों पर हुई आगजनी।
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एसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी भी मौके पर मौजूद रहे। एडीजी एलओ अमिताभ यश ने जब उनको देखा तो पता चला कि एसपी बिना असलहे के हैं। इस पर एडीजी ने उनको जमकर फटकारा और कहा कि इतनी बड़ी वारदात के दौरान इस तरह का रवैया है।
दंगा भड़काने में 30 से अधिक उपद्रवी हिरासत में
मामले में अब्दुल हमीद, रिंकू उर्फ सरफराज, फहीम, राजा उर्फ साहिर खान, ननकऊ, मारुफ अली व अन्य अज्ञात पर हत्या समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस कप्तान का कहना है कि 30 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं। वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की पहचान कर उनकी धरपकड़ के प्रयास जारी हैं।