एनआईसी के साफ्टवेयर इंजीनियर पिछले लगभग एक महीने से इसी माथापच्ची में लगे हैं, लेकिन हल नहीं निकाल पा रहे हैं। यही समस्या जेल वार्डर और फायरमैन की भर्ती के लिए भी आ रही है। जेल वार्डर और फायरमैन के पदों के लिए 2016 में निकली भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था और कहा गया था कि उन्हें इन पदों के लिए निकलने वाली अगली भर्ती में मौका दिया जाएगा।
एनआईसी के सामने इसके लिए भी आनलाइन फार्म तैयार करने और उन्हें व्यवस्थित करने में दिक्कत आ रही है। भर्ती बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि प्रक्रिया कब आगे बढ़ेगी इस पर निर्णय एनआईसी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद तय किया जाएगा।
18 अक्तूबर को प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस में बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का एलान किया था और पूरा कार्यक्रम घोषित किया था। इसी कार्यक्रम के तहत पहली नवंबर से सिपाहियों के 51216 पदों पर भर्ती के लिए आनलाइन फार्म भरे जाने की घोषणा की गई थी।
गृह विभाग ने दो परीक्षा केंद्रों को काली सूची में डाला
जून में हुई सिपाही भर्ती परीक्षा में लापरवाही बरतने वाले दो परीक्षा केंद्रों को भर्ती की परीक्षाओं के लिए गृह विभाग ने काली सूची में डाल दिया है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि 18 और 19 जून को हुई परीक्षा के दौरान प्रयागराज के गुरु माधव प्रसाद शुक्ला इंटर कालेज और एटा के पीपीएस कालेज में तमाम निर्देशों के बाद भी घोर लापरवाही बरतते हुए द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र प्रथम पाली में खोल दिया गया था।
बाद में इसकी जांच कराई गई और 18 और 19 जून को द्वितीय पाली में हुई परीक्षा को निरस्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। अब इस मामले में दोनों परीक्षा केंद्रों को काली सूची में डाल दिया गया है।