हार के बाद सभी खिलाड़ी बेहद भावुक नजर आए।
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विश्व कप फाइनल मैच में भारत की जीत की उम्मीद लिए राजधानी में जिस तरह की तैयारी थी, उससे बच्चा-बच्चा वाकिफ है। बाजार ने तगड़े इंतजाम किए थे, लेकिन टीम इंडिया की हार से इसे तगड़ा झटका लगा। प्रशंसकों की निराशा का असर बाजार पर भी पड़ा।
मल्टीप्लेक्स में शो को रोक कर क्रिकेट दिखाने के इंतजाम किए गए थे। धरे रह गए। नौ मल्टीप्लेक्स में क्रिकेट लाइव के इंतजाम थे। कहीं-कहीं तो लोगों ने पूरी ऑडी बुक कर रखी थी। कहीं टिकट 400 रुपये तो कहीं 1500 रुपये भी लिए गए। उत्तर प्रदेश सिनेमा एक्जीबिटर्स फेडरेशन के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल का कहना है कि एक दिन की कमाई पर 30 फीसदी असर पड़ा है। 70 फीसदी सीटें क्रिकेट मैच के लिए बुक थीं।
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रेस्टोरेंट, क्लब में बुकिंग धरी रह गई
शहर के कई क्लबों में स्क्रीन लगाई गई थी। संचालकों को उम्मीद थी कि दिन भर स्नैक्स-ड्रिंक के बाद रात को डिनर उन्हें रोज से दोगुना बिजनेस देकर जाएगा। ऐसा हुआ नहीं, क्योंकि शाम को जैसे ही भारत की हार होती दिखी, लोगों ने डिनर लगभग कैंसिल ही कर दिया। आमतौर पर होटल-रेस्टोरेंट को कमाई मेनकोर्स के बिल से होती है।
100-100 किलो के लड्डू की तैयारी का नुकसान अलग
मिठाई कारोबारियों का कहना है कि कुछ प्रतिष्ठित ब्रांड ने 100-100 किलो के लड्डू बनाने की तैयारी कर रखी थी। बूंदी तैयार थी, बस जीत के आसार बनते ही उसे आकार देना था। न भारत जीता न लड्डू बना।