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मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे शिक्षकों की पुलिस से भिड़ंत

Sat, 05 Sep 2015 07:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश के अनुमोदित डिग्री शिक्षकों ने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को जीपीओ पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान करके शिक्षकों ने पार्क के गेट की तरफ कदम बढ़ाए ही थे कि पुलिस ने घेर लिया।
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पुलिसकर्मियों से तीखी झड़प व हाथापाई हुई लेकिन संख्या कम होने की वजह से प्रदर्शनकारियों को पार्क में लौटना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के साथ प्रदर्शन खत्म हुआ।

अनुदानित महाविद्यालय/विश्वविद्यालय स्ववित्त पोषित अनुमोदित शिक्षक संघ द्वारा शिक्षक दिवस के मौके पर जीपीओ पार्क में धरना-प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास के घेराव आह्वान पर विभिन्न जिलों के अनुमोदित डिग्री शिक्षक शनिवार सुबह जीपीओ पार्क में एकत्र हुए। इसके साथ पुलिस व पीएसी ने पार्क को घेर लिया।
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संगठन के अध्यक्ष डॉ केएस पाठक ने सपा सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने 26 दिसंबर 13 व 10 फरवरी 14 को प्रतिनिधि मंडल से वार्ता में प्रदेश के 331 अनुमोदित अशासकीय महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लेने व अनुमोदित शिक्षकों के विनियमितीकरण का आश्वासन दिया था।

इस पर अनुमोदित डिग्री शिक्षकों का 101 दिन पुराना धरना/भूख हड़ताल स्थगित की गई थी। आश्वासन के डेढ़ साल बाद भी कोई नतीजा सामने नहीं आया। पांच फरवरी 14 के शासनादेश में प्रदेश के 7-8 महाविद्यालय ही लाभान्वित हो सके।
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पुलिस टीम से झड़प हाथापाई

शिक्षकों ने दोपहर तक जीपीओ पार्क में धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान करते हुए गेट की तरफ कदम बढ़ाए। पहले से मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने घेरा कसा और पीएसी की मदद से शिक्षकों को पार्क से बाहर आने से रोका।

जबरन बाहर जाने की कोशिश कर रहे शिक्षकों से पुलिस टीम से तीखी झड़प व हाथापाई हुई। प्रदर्शनकारियों से कहीं अधिक फोर्स होने की वजह से शिक्षक नारेबाजी करते पार्क में लौटे और वहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा।

ये हैं मांगें
- 331 अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लेने व उसमें कार्यरत अनुमोदित अध्यापकों का विनियमितीकरण किया जाए।
 
- अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों में अनुमोदित कार्यरत अध्यापकों की प्रत्येक पांच वर्ष पर संविदा विस्तारण की व्यवस्था समाप्त कर पूर्णकालिक नियुक्ति की जाए।

- 5 फरवरी 14 को जारी शासनादेश में नैक मूल्यांकित ‘ए-ग्रेड’ की अनिवार्यता समाप्त कर उसका लाभ प्रदेश के समस्त अनुमोदित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित अध्यापकों को दिया जाए।
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