डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एपीजेएकेटीयू) से संबद्ध कॉलेज अब सेमेस्टर के बीच में शिक्षकों को नहीं निकाल सकेंगे। इतना ही नहीं किसी शिक्षक को निकालने से पहले उनको पर्याप्त समय का नोटिस भी देना होगा।
इस संबंध में विश्वविद्यालय ने सर्कुलर जारी कर दिया है। वहीं यदि कोई शिक्षक बीच सेमेस्टर कॉलेज छोड़ने का प्रयास करेगा, तो विश्वविद्यालय से संबद्ध किसी अन्य कॉलेज में उसे नहीं रखा जाएगा। यह सारी व्यवस्था इसलिए की जा रही है जिससे कि सेमेस्टर के बीच में छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो। साथ ही संस्थान शिक्षकों का शोषण न कर पाएं।
एपीजेएकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि ऐसे बहुत से मामले सामने आते हैं, जिनमें कॉलेज मिड सेमेस्टर में ही शिक्षकों को टर्मिनेट कर देते हैं। कई बार तो शिक्षकों को पर्याप्प्त नोटिस तक नहीं दिया जाता। इससे न केवल शिक्षण कार्य प्रभावित होता है, बल्कि निकाले गए शिक्षक के लिए भी समस्या होती है।