वर्चअल संवाद में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, कलेक्ट्रेट मिनिस्टिीरियल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी, राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, इंदिरा भवन जवाहर भवन कर्मचारी महासंघ और राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडेय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रामराज दुबे सहित अन्य कई संगठनों के नेता शामिल थे।
उन्होंने सरकार से सेवा करने के दौरान कोरोना से मरने वाले कर्मचारियों व शिक्षकों के मामले में संवेदनशीलता से विचार करने की मांग की है। कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप मुआवजा देने और गलत सूचना देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। सरकार को गलत आंकड़े देने वाले अधिकारी संवेदनशील नहीं माने जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लगता है कि सरकार ऐसे अधिकारियों को लगाकर मृतकों के परिजनों को उनका अधिकार दिलाने से वंचित रखना चाहती है। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि सभी संगठनों को एकजुट होकर सरकार और इन अधिकारियों से लड़ना होगा जिससे मृतकों के परिजनों को उनका हक मिल सके।