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बेसिक शिक्षा मंत्री ने भी कहा, केवल तीन शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी में मौत हुई, अखिलेश-प्रियंका बोले- झूठ बोल रही सरकार

Wed, 19 May 2021 08:36 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी में पंचायत चुनाव के दौरान 1621 शिक्षकों की मौत की बात को प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी ने पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ओछी राजनीति कर रहा है।
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बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पंचायत चुनाव की ड्यूटी में केवल तीन शिक्षकों की मौत का दावा करने के बाद राजनीति शुरू हो गई है। विभाग के मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने बुधवार को बयान जारी कर शिक्षक संघों की ओर से पंचायत चुनाव की ड्यूटी में 1621 शिक्षकों की मौत के दावे को गलत और निराधार बताया। उन्होंने दोहराया कि केवल तीन शिक्षकों की पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान मौत हुई है। उधर, इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है। सपा, कांग्रेस ने जहां सरकार को घेरा है वहीं शिक्षक संगठन भी विभाग के खिलाफ मैदान में उतर गए है। 

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बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि कुछ शिक्षक संगठन पंचायत चुनाव में बेसिक शिक्षा परिषद के 1621 शिक्षकों की मौत का आंकडे बता रहे हैं जो पूरी तरह गलत और निराधार है। उन्होंने कहा कि संगठनों की इस भ्रामक जानकारी के आधार पर विपक्ष के नेता भी ओछी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन को जिलाधिकारियों से प्राप्त सूचना के आधार पर केवल तीन शिक्षकों की पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान मौत हुई है। प्रदेश सरकार की मृतक शिक्षकों के परिवार के साथ पूरी संवेदना है। मृतक आश्रितों को 30-30 लाख रुपये मुआवजा राशि , सरकारी नौकरी और अन्य देयकों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। 

लाशों पर राजनीति नही करें : द्विवेदी
बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा  लाशों पर राजनीति न करें। उन्होंने कहा कि प्रियंका को इस आपदा के वक्त देश के साथ खड़ा होना चाहिए, न कि देश का मनोबल गिराने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कहा कांग्रेस ने अपने टूलकिट के माध्यम से यह प्रयास किया कि उनसे जुड़े जितने भी अस्पताल हैं वहां तब तक बेड मरीजों को न दिया जाए।  जब तक कोई कांग्रेस का नेता उन्हें फोन न करे ताकि ये लोग भारत की छवि खराब कर सकें। 
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उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक हमारे परिवार के सदस्य हैं और राहुल-प्रियंका से ज्यादा दुख हमें है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को इस तरह की घटिया राजनीति नहीं करनी चाहिए। 

शासन और आयोग कर रहे भद्दा मजाक 
उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि पंचायत चुनाव में कोरोना संक्रमित होकर जान गंवाने वाले 1621 शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों, कर्मचारियों और रसोइयों के आश्रितों के साथ शासन और राज्य निर्वाचन आयोग भद्दा मजाक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी राज्य निर्वाचन आयोग को और आयोग शासन को गलत सूचना दे रहा है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में मृतक शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों को सांत्वना देने की बजाय उनकी उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी के कारण मृत्यु का शिकार हुए कर्मचारियों और शिक्षकों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी नहीं दी तो संघ न्यायालय में याचिका दायर करेगा। 

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प्रियंका गांधी और अखिलेश ने भी साधा निशाना

मृत्यु के बाद शिक्षकों का सम्मान छीन रही सरकार : प्रियंका 
कांग्रेस की नेता और यूपी प्रभारी प्रियंका वाड्रा ने बुधवार को ट्वीट कर सरकार को घेरा। उन्होंन कहा कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी करते हुए मारे गए 1621 शिक्षकों की उतर प्रदेश शिक्षक संघ द्वारा जारी लिस्ट को संवेदनहीन यूपी सरकार झूठ कहकर मृत शिक्षकों की संख्या मात्र तीन बता रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को जीते जी उचित सुरक्षा उपकरण और इलाज नहीं मिला और अब मृत्यु के बाद सरकार उनका सम्मान भी छीन रही है। 

मुआवजे से बचने के लिए झूठ बोल रही सरकार : अखिलेश 
सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला। अखिलेश ने कहा कि निष्ठुर भाजपा सरकार मुआवजा देने से बचने के लिए अब ये झूठ बोल रही है कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी में केवल तीन शिक्षकों की मौत हुई है। जबकि शिक्षक संघ का दिया आंकड़ा एक हजार से अधिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महा झूठ का विश्व रिकार्ड बना रही है। मृतकों के परिवारवालों का दुख ये हृदयहीन भाजपाई क्या जानें। 
 
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