प्रदेश में दो लाख 87 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं। सरकार की कोशिशों के बाद भी भर्तियां अभी लटकी हुई हैं।
शिक्षा विभाग में लाखों नौकरियां किंतु-परंतु में फंसी हैं। प्राइमरी से लेकर इंटर कॉलेजों तक में तकरीबन 2,87,970 शिक्षकों की भर्ती होनी है, सरकार कवायद भी कर रही है लेकिन दो साल गुजर गए, ये भर्तियां अब भी अटकी हैं।
अखिलेश सरकार में केवल उर्दू शिक्षकों और बीटीसी व विशिष्ट बीटीसी वालों को ही नौकरी मिल सकी है।
नहीं पूरी हो सकी प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग का दायरा काफी बड़ा है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास इंटरमीडिएट तक की शिक्षा व्यवस्था है।
ये दोनों विभाग अपने-अपने स्तर पर शिक्षकों की भर्तियां करते हैं। प्रदेश में देखा जाए तो पिछले दो सालों से शिक्षकों की भर्तियों के लिए विज्ञापन कई बार निकाले गए, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।
प्रदेश में प्राइमरी से लेकर इंटर कॉलेजों में मौजूदा समय 3,09,625 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए पिछले दो सालों में विज्ञापन तो निकाले गए, लेकिन भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
सबसे खराब स्थिति तो बेसिक शिक्षा विभाग की है। बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले तीन सालों से टीईटी पास बीएड वालों को शिक्षक बनाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
72,825 शिक्षकों का मामला
-72,825 शिक्षकों की भर्ती के लिए पहले टीईटी मेरिट पर भर्ती का निर्णय किया गया।
-अखिलेश सरकार टीईटी मेरिट के स्थान पर शैक्षिक मेरिट से भर्ती का निर्णय किया।
-हाईकोर्ट राज्य सरकार के फैसले को बदलते हुए टीईटी मेरिट पर भर्ती का दिया आदेश
-हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर, सरकार ने तीन माह की मांगी है मोहलत
शिक्षा मित्रों का समायोजन
-1,72,000 शिक्षा मित्र प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत हैं।
-बीटीसी प्रशिक्षण के बाद शिक्षक पद पर होना है समायोजन
-कैबिनेट की बैठक में समायोजन का हो चुका है निर्णय
-लोकसभा चुनाव आचार संहिता के चलते समायोजन लटक
-बेसिक शिक्षा मंत्री से अब समायोजन पर मांगी गई है अनुमति
गणित-विज्ञान शिक्षक भर्ती फंसी
-29,334 गणित व विज्ञान के शिक्षकों की जूनियर हाईस्कूल में सीधी भर्ती
-आवेदन के बाद भी अभी तक शुरू नहीं हो पाई है भर्ती प्रक्रिया
-हाईकोर्ट इलाहाबाद में आवेदकों ने वाद किया दायर, सरकार को देना है जवाब
चयन बोर्ड की भर्तियां लटकी
-सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में 1,479 सहायक अध्यापक व 393 प्रवक्ता चयन
-आयोग ने विज्ञापन निकाल कर लिया आवेदन, हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल
-चयन बोर्ड ने दाखिल किया जवाब, आदेश आने का हो रहा है इंतजार
मामले पर बेसिक शिक्षा, सचिव नीतीश्वर कुमार का कहना है कि प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के लिए सुप्रीम कोर्ट से तीन माह का समय मांगा गया है। पुराने आवेदनों के आधार पर भर्ती करनी है, इसलिए इसमें थोड़ा समय लगेगा।
शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर समायोजन के संबंध में बेसिक शिक्षा मंत्री से अनुमति मांगी गई है। उनकी अनुमति मिलते ही समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
कुल लंबित भर्तियां
प्राइमरी स्कूल--------------------72,825
शिक्षा मित्रों का समायोजन-------1,72,000
जूनियर में गणित-विज्ञान------29,334
बीटीसी प्रशिक्षित----------------10,000
उर्दू शिक्षक----------------------1,939
सहायक अध्यापक---------------1,479
प्रवक्ता----------------------------393
कहां कितने पद रिक्त
प्राइमरी----------------------------2,22,076
उच्च प्राइमरी----------------------60,979
प्रवक्ता (माध्यमिक)----------------6,350
सहायक अध्यापक (मा.)-----------20,220
कितनों को नौकरी मिली
बीटीसी व विशिष्ट बीटीसी----------10,773
उर्दू शिक्षक-------------------------2,341