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58,000 शिक्षा मित्र बनेंगे सहायक अध्यापक

Wed, 23 Oct 2013 11:28 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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उत्तर प्रदेश में सालों से शिक्षक बनने की आस लगाए बैठे शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनने का तोहफा नए साल पर मिल सकता है।
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शासन स्तर पर इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पहले चरण में 58 हजार शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाया जाएगा।

इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा निदेशालय शीघ्र ही इस संबंध में प्रस्ताव भेजने वाला है।

पढ़ें-शिक्षक भर्तीः काउंसलिंग के लिए रहें तैयार

रही बात शिक्षा मित्रों के लिए टीईटी पास करने की अनिवार्यता की, तो इस संबंध में अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। नियमावली आने के बाद न्याय विभाग से इस संबंध में राय ली जाएगी।
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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए वर्ष 2000 में शिक्षा मित्रों के रखने की प्रक्रिया शुरू की गई।

प्रदेश में मौजूदा समय 1.66 लाख शिक्षा मित्र प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम आने के बाद प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक रखने की अनिवार्यता कर दी गई।
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शिक्षा मित्र गैर प्रशिक्षित हैं। इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें चरणबद्ध तरीके से बीटीसी के समकक्ष दो वर्षीय प्रशिक्षण देकर शिक्षक बनाने का निर्णय किया।

पहले चरण में 58 हजार और दूसरे चरण में 60 हजार शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बेसिक शिक्षा विभाग प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षा मित्रों को तीन चरणों में समायोजन पर विचार कर रहा है।

पहले चरण का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 58 हजार शिक्षा मित्रों को जनवरी 2014 तथा दूसरे चरण में प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को दिसंबर 2014 में शिक्षक पद पर समायोजित करने की योजना है।

तीसरे चरण का प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को मई 2015 समायोजन पर विचार है।

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