उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर बेरुखी और भेदभाव का आरोप लगाया।
सोनिया गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, हमने रायबरेली में एम्स के लिए मुफ्त में जमीन दी लेकिन शिलान्यास करके वक्त पूछा तक नहीं गया। राजनीतिक बेईमानी की बात हम जनता को बताएंगे।
अखिलेश यादव मंगलवार शाम अपने कालीदास मार्ग स्थित आवास पर सात माह आठ दिन में प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साइकिल यात्रा करने वाले दल के टोलीनायक रणजीत बच्चन और महिला टोलीनायक कालिंदी निर्मल शर्मा को शॉल व पांच-पांच लाख रुपये देकर सम्मानित किया।
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उन्होंने कहा कि सपा सरकार विकास के ठोस रास्ते पर चल रही है। हमने जो काम किए हैं, यदि वे पहले हो गए होते तो प्रदेश की तस्वीर बदली हुई होती।
हमने किसानों को मुफ्त पानी दिया, फसल का बेहतर मूल्य और बीज समय पर दे रहे हैं। किसानों की दुर्घटना बीमा राशि बढ़ाकर पांच लाख कर दी। पढ़ाई के क्षेत्र में बदलाव किए।
दसवीं पास अल्पसंख्यक छात्रों को तीस हजार रुपये दे रहे हैं। कन्या विद्या धन, इंटर पास छात्रों को लैपटॉप दिए जा रहे हैं। गन्ने की बेहतर कीमत दी।
जल्दी ही चार हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की पांच यूनिट शुरू हो जाएंगी। देश के कई राज्य ही नहीं दुनिया के कई मुल्क भी हमारी योजनाओं की नकल कर रहे हैं। एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, इतनी योजनाओं के बाद भी कुछ दल हमारे साथ बेईमानी कर रहे हैं। रायबरेली में एम्स की तरफ इशारा करते हुए कहा, जमीन हमने मुफ्त दी लेकिन शिलान्यास के लिए पूछा तक नहीं गया।
हमने कहा था, यूपी में एक नहीं तीन एम्स बनने चाहिए। राजनीतिक बेईमानी से लोहिया और जेपी लड़ते रहे हैं और सपा भी लड़ रही है।
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा से समाजवादी नाम हटाने को कहा था। हमने अपने बजट से पैसे का इंतजाम किया लेकिन समाजवाद शब्द नहीं हटाया।
केंद्र सरकार की गलत नीतियों से चीनी के रेट गिरे। लोकतंत्र में जवाब जनता देती हैं। यह ये सारी बातें जनता को बताएंगे।
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