अलास्का रीयल एस्टेट कंपनी खोलकर ठगी करने वाला शातिर हरिओम यादव मात्र पांच साल में ही करोड़पति बन गया था। उसने गोसाईंगंज सीएचसी के पास चाय के खोखे से काम की शुरुआत की। बाद में उसने अलास्का रीयल एस्टेट कंपनी बनाकर ठगी का धंधा शुरू किया। वह अपनी कंपनी में मोटी रकम निवेश कराने वालों को डायरेक्टर बना देता था। फिलहाल शातिर हरिओम यादव फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हैं।
डीसीपी दक्षिण रईस अख्तर ने बताया कि सकटू का पुरवा निवासी हरिओम यादव इंटर पास है। करीब पांच साल पहले उसने सीएचसी के पास चाय का खोखा शुरू किया था। चाय का खोखा चलाते-चलाते उसने कुछ दवाओं की जानकारी ली और झोलाछाप बन गया। हालांकि, इसमें भी उसे आमदनी नहीं हुई। इसके बाद उसने एक स्टूडियो खोला और भोजपुरी फिल्म बनाई। हरिओम के गांव के लोगों का कहना है कि उसने रणनीति नाम की फिल्म बनाई जिसकी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों के अलावा बिहार में स्क्रीनिंग कराई।
यूपी में तो फिल्म धड़ाम हो गई पर बिहार में कुछ जगह पर फिल्म दो-तीन हफ्ते सिनेमाघर में चली। इसी दौरान इंदिरा नहर के पास एक हादसे में उसका पैर टूट गया। करीब एक साल तक वह चलने-फिरने में परेशान रहा। परेशानी के दौर में ही वर्ष 2017 में उसने सदरपुर करोरा में अपनी जमीन पर शानदार ऑफिस बनाकर रीयल एस्टेट का काम शुरू किया।
डीसीपी ने बताया कि उसने रीयल एस्टेट के अलावा कमोडिटी कंपनी भी शुरू की। लोगों को अपनी कंपनी में रुपया निवेश करने पर पांच प्रतिशत हर महीने लाभांश का लालच दिया। चेक देते हुए यह भी कहा कि जब भी उन्हें अपनी रकम चाहिए, वह चेक कैश करा लें या फिर प्लाट ले लें। वह अपनी कंपनी में मोटी रकम निवेश कराने वालों को कंपनी का निदेशक बना देता था। फिलहाल, शातिर हरिओम भागा हुआ है। उसकी तलाश में पुलिस की तीन टीमें गैर जनपद में दबिश दे रही हैं।