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चाय की दुकान... फिर चलाया ऐसा चक्कर कि पांच साल में बन गया करोड़पति

Thu, 17 Sep 2020 01:51 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस भर्ती। - फोटो : amar ujala
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अलास्का रीयल एस्टेट कंपनी खोलकर ठगी करने वाला शातिर हरिओम यादव मात्र पांच साल में ही करोड़पति बन गया था। उसने गोसाईंगंज सीएचसी के पास चाय के खोखे से काम की शुरुआत की। बाद में उसने अलास्का रीयल एस्टेट कंपनी बनाकर ठगी का धंधा शुरू किया। वह अपनी कंपनी में मोटी रकम निवेश कराने वालों को डायरेक्टर बना देता था। फिलहाल शातिर हरिओम यादव फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हैं।
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डीसीपी दक्षिण रईस अख्तर ने बताया कि सकटू का पुरवा निवासी हरिओम यादव इंटर पास है। करीब पांच साल पहले उसने सीएचसी के पास चाय का खोखा शुरू किया था। चाय का खोखा चलाते-चलाते उसने कुछ दवाओं की जानकारी ली और झोलाछाप बन गया। हालांकि, इसमें भी उसे आमदनी नहीं हुई। इसके बाद उसने एक स्टूडियो खोला और भोजपुरी फिल्म बनाई। हरिओम के गांव के लोगों का कहना है कि उसने रणनीति नाम की फिल्म बनाई जिसकी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों के अलावा बिहार में स्क्रीनिंग कराई।

यूपी में तो फिल्म धड़ाम हो गई पर बिहार में कुछ जगह पर फिल्म दो-तीन हफ्ते सिनेमाघर में चली। इसी दौरान इंदिरा नहर के पास एक हादसे में उसका पैर टूट गया। करीब एक साल तक वह चलने-फिरने में परेशान रहा। परेशानी के दौर में ही वर्ष 2017 में उसने सदरपुर करोरा में अपनी जमीन पर शानदार ऑफिस बनाकर रीयल एस्टेट का काम शुरू किया।
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डीसीपी ने बताया कि उसने रीयल एस्टेट के अलावा कमोडिटी कंपनी भी शुरू की। लोगों को अपनी कंपनी में रुपया निवेश करने पर पांच प्रतिशत हर महीने लाभांश का लालच दिया। चेक देते हुए यह भी कहा कि जब भी उन्हें अपनी रकम चाहिए, वह चेक कैश करा लें या फिर प्लाट ले लें। वह अपनी कंपनी में मोटी रकम निवेश कराने वालों को कंपनी का निदेशक बना देता था। फिलहाल, शातिर हरिओम भागा हुआ है। उसकी तलाश में पुलिस की तीन टीमें गैर जनपद में दबिश दे रही हैं।
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नैनो कार से सीधे 30 लाख की एंडेवर की सवारी

शातिर हरिओम यादव ने फिल्म बनाने के दौरान एक नैनो कार खरीदी थी। उक्त कार से वह ज्यादा  दिन नहीं चला और मात्र दो साल में ही अगस्त 2018 को उसने ठगी से कमाई गई रकम से 30 लाख रुपये की एंडेवर कार खरीद ली। उसी एंडेवर कार से बीते वर्ष पांच करोड़ रुपये ले जाते हुए उसे कृष्णानगर पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हरिओम को विकासनगर पुलिस ने 24 मई 2020 में तमंचे के साथ गिरफ्तार करके जेल भेजा था। 

पत्नी-बच्चों को लेकर डेढ़ महीने पहले ही भाग गया था शातिर
पुलिस की जांच में पता चला है कि शातिर हरिओम यादव डेढ़ महीने पहले ही पत्नी अंजना और बेटे हर्षित व बाबू को लेकर भाग गया था। उसकी ससुराल मलिहाबाद के टिकरीहाल में है। पुलिस टीम वहां पहुंची तो अंजना और उसके बच्चे नहीं मिले। पुलिस ने बताया कि हरिओम यादव पूरी तैयारी के साथ भागा है। उसकी लोकेशन 29 जुलाई को आखिरी बार कन्नौज में मिली थी। दरअसल वहां उसकी एंडेवर कार का चालान हुआ था। हरिओम के पास एक महंगा आईफोन भी था। उसकी लोकेशन ट्रेस करने पर नोएडा में मिला। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि हरिओम का एक युवक से लेनदेन का विवाद था। इसी विवाद में हरिओम ने उसे अपना आईफोन दे दिया था।
 
 
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