प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, छोटी पुलियों और संपर्क मार्ग के 5-5 काम कराए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हर हाल में 2 अक्तूबर तक इन्हें चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि गड्ढामुक्ति अभियान में ग्रामीण संपर्क मार्गों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। मिसिंग लिंक मार्गों को भी चयनित कर पूरा कराया जाए। उप मुख्यमंत्री शीघ्र ही विभागीय योजनाओं का निरीक्षण करने के लिए फील्ड में निकलेंगे।
केशव ने निर्देश दिए कि जहां भी पुल-पुलियों और आरओबी व फ्लाईओवर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, तत्काल उनकी मरम्मत कराएं। धार्मिक व मेला स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की मरम्मत भी शीर्ष प्राथमिकता पर कराई जाए। सांसद आदर्श गांवों में विश्वकर्मा जयंती से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (17 से 25 सितंबर) तक विशेष अभियान चलाकर मरम्मत व चौड़ीकरण के कार्य कराए जाएं। इन गांवों में अगर कहीं रोड कनेक्टिविटी बाकी है, तो उसका प्रस्ताव लेते हुए कार्य कराया जाए।
केशव ने केंद्रीय मार्ग निधि के प्रस्ताव भी शीघ्र मंगाने के लिए कहा। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आपदा राहत विभाग के साथ चर्चा करते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। तात्कालिक मरम्मत के लिहाज से रोड एंबुलेंस की व्यवस्था को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाए। इसका प्रयोग सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नगरीय क्षेत्रों में किया जाए। प्रख्यात साहित्यकारों, कलाकारों और राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत शिक्षकों के घरों तक सड़कें बनाए जाने के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाकर इसका अध्ययन कराया जाए।