फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: केमिकल फर्म में पकड़ी 2.14 करोड़ रुपये की कर चोरी

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। राज्य कर विभाग-जोन प्रथम की एसआईबी (विशेष अनुसंधान शाखा) टीम ने केमिकल बनाने वाली फर्म के लखनऊ और रायबरेली प्रतिष्ठान पर छापा मारकर 2.14 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी। फर्म के दस्तावेज खंगाले तो कई अनियमितताएं और स्टॉक में काफी अंतर मिला। टीम ने 77.16 लाख रुपये का टैक्स जमा कराया।
विज्ञापन

एसआईबी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-दो मनोज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि टीम ने सात जुलाई को फर्म की रायबरेली स्थित फैक्टरी के पास एक गाड़ी रोकी तो कर चोरी का नया तरीका सामने आया। वाहन में आठ जून को महाराष्ट्र से पंजाब और नौ जून का ई-वे बिल पंजाब से रायबरेली के लिए बना था। इसमें पंजाब के व्यापारी ने माल का नाम और कोड बदलकर सामान की बिक्री की थी। गाड़ी से लाया गया सामान अलग और बिल दूसरी वस्तु का था। टीम ने 10 लाख रुपये का जुर्माना जमा कराया। इसके बाद वाहन ट्रैकिंग सिस्टम पर उपलब्ध विवरण खंगाला तो 30 लाख रुपये के केमिकल की बिक्री झारखंड के कोडरमा में दिखाकर ई-वे बिल जारी किया गया था, जबकि माल झारखंड के बजाय अन्य प्रदेश को भेजा गया।

क्रेडिट नोट में रायबरेली, वाहन की लोकेशन मिली ओडिशा
टीम ने क्रेडिट नोट की आड़ में कर चोरी का मामला भी पकड़ा। जांच में सामने आया कि जिस वाहन से व्यापारी ने नौ अप्रैल को माल की वापसी झारखंड से रायबरेली का क्रेडिट नोट जारी किया था, उस दिन वाहन की लोकेशन ओडिशा में पाई गई। दस्तावेज के मिलान के अनुसार व्यापार स्थल पर 12 करोड़ का स्टॉक होना चाहिए था। जांच में स्टॉक में काफी अंतर मिला। 2.14 करोड़ की कर चोरी मिलने पर व्यापारी से 77.16 लाख रुपये राजकोष में जमा कराए गए। जांच टीम का नेतृत्व राज्य कर कमिश्नर स्तुति श्रीवास्तव ने किया। जांच अधिकारी संजीव निरंजन, विशाल सिंह व निहारिका टीम में थे। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-दो ने बताया कि जांच चल रही है। कर चोरी का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें