लखनऊ। कोरोना काल में यूपी में जितनी मौतें नहीं हुईं, उससे कहीं अधिक करीब 23 हजार हर साल सड़क हादसों में होती हैं। इनमें 50 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य है। अफसर सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम से लेकर चेकिंग अभियान तक चला रहे हैं। परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने बुधवार को परिवहन विभाग की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सड़क सुरक्षा पखवाड़े के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में ये बातें कहीं।
अवसर पर उन्होंने 28 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। मंत्री ने कहा, सड़क हादसों को लेकर सीएम बेहद संजीदा हैं। मौजूद छात्र-छात्राओं से यातायात व सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि सभी कॉलेजों, विद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब बनाए गए हैं।
अवसर पर 15 महिला सफाईकर्मियों को हेलमेट दिए गए। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव परिवहन एल. वेंकटेश्वर लू, परिवहन आयुक्त चन्द्रभूषण सिंह, अपर परिवहन आयुक्त पुष्पसेन सत्यार्थी, एके सिंह, आरटीओ संजय तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज, एआरटीओ अखिलेश द्विवेदी थे।
सड़क सुरक्षा को मजबूती देंगे इंटरसेप्टर वाहन
नए इंटरसेप्टर वाहन सड़क सुरक्षा में तेजी लाएंगे। इनसे तय अधिक गति, नशे में गाड़ी चलाना, गलत दिशा में चलना, वाहन चलाने वक्त मोबाइल के इस्तेमाल की जांच में आसानी होगी।
187 वाहन सवारों के कटे ई-चालान
सड़क सुरक्षा पखवाड़े के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर 187 वाहन सवारों के ई चालान काटे गए। इस दौरान ट्रैक्टर ट्रॉली से लेकर स्कूली व निजी वाहन चालकों पर भी लगाम लगाई गई।