यूपी में स्वाइन फ्लू का वायरस लगातार अपने पैर पसार रहा है। अब तक प्रदेश के 66 जिले इस रोग की चपेट में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के लाख दावों के बावजूद हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक करीब तीन हजार मरीजों में इस रोग के लक्षण मिल चुके हैं। 67 मरीज ऐसे हैं जो काल के गाल में समा चुके हैं।
स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक मरीज राजधानी लखनऊ में मिले हैं। अब तक करीब 1756 मरीज लखनऊ में मिल चुके हैं। इनमें से 12 की मृत्यु हो चुकी है। मेरठ में भी 294 मरीज इस बीमारी से पीड़ित मिल चुके हैं। मेरठ में सबसे अधिक 19 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। गाजियाबाद में भी 103 मरीज अब तक मिल चुके हैं। यहां तीन मरीजों की मौत हुई है।
खास बात यह है कि पहले इस रोग के ज्यादातर मरीज बड़े जिलों में मिल रहे थे, लेकिन इस बार इसने छोटे जिलों को भी चपेट में ले लिया है। निदेशक संचारी रोग डॉ. बद्री विशाल ने बताया कि हापुड़ में 20 मरीज मिले हैं जबकि यहां पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। कानपुर नगर में 45 मरीज मिले हैं। इनमें चार मरीजों की मौत हुई है। बदायूं में भी इस रोग से एक मरीज की मृत्यु हो चुकी है। अमरोहा में भी चार मरीज मिले हैं। इनमें एक की मृत्यु हो गई।
निदेशक संचारी रोग ने कहा कि स्वाइन फ्लू के वायरस हवा में फैलते हैं। मरीज जब भी एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं वह अपना वायरस दूसरे को दे देते हैं। इस कारण यह रोग तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी की चपेट में आने वाले रोगियों को आइसोलेशन में रहना चाहिए। जुखाम हो जाने पर गरारे करने के साथ-साथ हाथ बार-बार धोना चाहिए।