सांसद संघमित्रा मौर्य और स्वामी प्रसाद
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पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद ने कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल दल गठबंधन की मजबूती को लेकर गंभीर नहीं हैं। अपना दल कमेरावादी की पल्लवी पटेल और आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर तो एक-एक सीट ही मांग रहे थे। गठबंधन हित में इसे माना जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'इंडिया' मेरी लगातार उपेक्षा कर रहा है, इसके बावजूद मैं गठबंधन को मजबूत देखना चाहता हूं। क्योंकि, यह समय की आवश्यकता है। हमें मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। मालूम हो कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने खुद अपनी पार्टी से कुशीनगर सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
बेटी के रोने पर उठाए सवाल
स्वामी प्रसाद मौर्य ने बरेली में अपनी बेटी संघमित्रा मौर्य के मंच पर रोने पर सवाल उठाया है। उन्होंने इसे ओछी हरकत बताते हुए कहा, राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। जब भी संघमित्रा से मुलाकात होगी, तो इस बारे में बात करेंगे। उन्होंने 'इंडिया' में शामिल दलों पर गठबंधन की मजबूती के लिए काम नहीं करने का भी आरोप लगाया।
संघमित्रा मौर्य बदायूं से भाजपा की सांसद है, लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। स्वामी प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा, राजनीति में रोना व्यक्ति की कमजोरी होती है। हम इसके पक्षधर नहीं हैं। यह नेता की छोटी सोच का परिचायक होता है। राजनेता को विचारों के साथ मैदान में ताल ठोकनी चाहिए।संघमित्रा के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वामी प्रसाद ने कहा, अभी संघमित्रा भाजपा में हैं, उनका दिमाग दुरुस्त हो, तब इस बारे में बात करेंगे।