बसपाई से भाजपाई बने स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि वे 2017 के चुनाव में भाजपा को सत्ता में लाने तक चैन से नहीं बैठेंगे। भ्रष्टाचार की देवी मायावती और गुंडों व माफिया को संरक्षण देने वाली सपा सरकार की पोल खोलने का उनका काम चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा सिर्फ 265 सीटें ही नहीं जीतेगी बल्कि 403 सीटों पर परचम लहराएगी।
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वे दलितों, गरीबों, पिछड़ों व मजदूरों के बीच जाएंगे तथा मायावती, मुलायम सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल, दिमाग और कामकाज में अंतर को समझाएंगे। उन्हें बताएंगे कि मायावती थैलीशाहों, सपा सरकार गुंडों, माफिया और जमीन पर कब्जा करने वालों की मददगार है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह गरीबों, पिछड़ों, दलितों और मजदूरों के मददगार हैं।
मौर्य ने एलान किया कि भाजपा में आने से पहले उनके द्वारा तय 22 सितंबर की रैली होगी। अब यह रैली 5 लाख लोगों की होगी। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। यह रैली मायावती को उनकी हैसियत बता देगी। मौर्य बुधवार को यहां भाजपा मुख्यालय पर अपने स्वागत समारोह में बोल रहे थे।
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भाजपा कार्यालय में हुआ भव्य स्वागत
मौर्य अपने समर्थकों के लंबे काफिले और भारी भीड़ के साथ दोपहर बाद लगभग 3.30 बजे भाजपा मुख्यालय पहुंचे। यहां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और अन्य भाजपा नेताओं ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई।
लगभग 47 मिनट लंबे भाषण में स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा नेता मायावती पर करारे प्रहार किए। कहा, मायावती भ्रष्टाचार की प्रतीक हैं। करोड़ों-अरबों रुपये का चढ़ावा लेती हैं। पैसे की उनकी हवस खत्म नहीं हो रही है। कई बार समझाने की कोशिश की, पर वह नहीं मानीं। इससे दुखी होकर मैंने बसपा छोड़ दी।
दलितों व पिछड़ों को बताएंगे मायावती का सच
स्वामी प्रसाद ने कहा कि मायावती के दोहरे चरित्र को उन्होंने नजदीक से देखा है। अब उनका लक्ष्य डॉ. अंबेडकर और कांशीराम के मिशन को बर्बाद करने वाली मायावती को सबक सिखाना है। वे दलितों को बताएंगे कि मायावती दलितों की देवी नहीं, दुश्मन हैं।
वे दलितों की ताकत का सौदा कर रही हैं। वह तानाशाह हैं। पार्टी के भीतर लोगों को गुलाम बनाकर रखना चाहती हैं। कहा कि 22 सितंबर की रैली में बसपा के कई नेता, विधायक और पूर्व सांसद भी भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
सपा में माफिया, गुंडों को ही मिलता है प्यार
स्वामी प्रसाद ने कहा कि एक तरफ मायावती का भ्रष्टाचार था, जिसकी दुर्गंध से आजिज आकर उन्होंने बसपा को छोड़ने का फैसला किया। दूसरी तरफ सपा थी जिसे गुंडों, माफिया और जमीन कब्जाने वालों से ही प्यार है।
तीसरी तरफ सबको साथ लेकर चलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व था, जिनके दिल में देश के स्वाभिमान, भ्रष्टाचार के खात्मे और गरीबों, दलितों की तरक्की की चिंता है। समर्थकों की राय भी भाजपा की ही बनी। लिहाजा भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।
बोले, बसपा से अलग होने के बाद उन्होंने राजनीतिक विकल्प देने की बात कही थी। भाजपा के रूप में बेहतर नेतृत्व और बढ़िया विकल्प मिल गया।
मौर्य ने कहा कि वह भी कमल के फूल की तरह हैं। भले ही मायावती जैसी भ्रष्टाचार की देवी के साथ रहे हों लेकिन उन पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं है। इसलिए भी उन्होंने कमल वाली पार्टी भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वे स्वामी प्रसाद मौर्य का भाजपा में स्वागत करते हैं। 22 सितंबर की रैली की सफलता का काम हो या सपा और बसपा से प्रदेश को मुक्ति दिलाने का, भाजपा और स्वामी प्रसाद के साथ आए कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करेंगे।
प्रदेश में बुआ और भतीजा मिलकर जनता का शोषण कर रहे हैं। अपराधी, पुलिस से नहीं डरते, बल्कि पुलिस अपराधियों से डरने लगी है। स्वामी प्रसाद के आने के बाद भाजपा 265 प्लस नहीं बल्कि सभी 403 सीटों पर परचम फहराएगी।
जगह-जगह हुआ स्वागत
इससे पहले स्वामी प्रसाद का हवाई अड़्डे से भाजपा मुख्यालय तक उनके समर्थकों ने जगह-जगह ढोल-नगाड़ों के साथ उनकी अगवानी की। फूल-मालाओं से लाद दिया। दोपहर लगभग 1 बजे एयरपोर्ट से शुरू हुआ उनका जुलूस लगभग 3.30 बजे भाजपा मुख्यालय पहुंच पाया।