केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय बनने में आने वाली मुश्किलें दूर कर दी हैं। शौचालय बनवाने में मनरेगा से फंडिंग व लाभार्थी से अंशदान लेने की बंदिश समाप्त कर दी तो लागत बढ़ा दी है।
अब शौचालय 12 हजार रुपये में बनेंगे। पूरी लागत केंद्र व राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगे। पंचायतीराज विभाग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश में निर्मल भारत अभियान के अंतर्गत 10 हजार रुपये में शौचालय बन रहे थे। इसमें केंद्र व राज्य सरकार के अंश के साथ मनरेगा का भी अंशदान होता था। लाभार्थी से 900 रुपये लिए जाते थे।
मनरेगा से समय से बजट नहीं मिलता था और गरीब परिवारों से 900 रुपये लेना मुश्किल होता था। महंगाई के साथ लागत भी बढ़ी।