लखनऊ। पीजीआई के वृंदावन सेक्टर-दो में अस्पताल कर्मचारी लक्ष्मीकांत मिश्र के घर बुधवार को लूटपाट के मामले में परिवार ने अब तक कोई तहरीर नहीं दी है। वे लोग इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। पुलिस अब असलियत जानने के लिए सभी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है।
एडीसीपी साउथ रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने बृहस्पतिवार को लक्ष्मीकांत के घर जाकर परिजनों से बात की। पुलिस ने तहरीर देने को कहा, पर परिवार ने गोलमोल जवाब देकर बात टाल दी। एडीसीपी ने बताया कि अब तक की जांच में लूटपाट की बात सही नहीं मिली है। पड़ोसियों ने बताया कि घटना के समय इलाके में बिजली नहीं थी। उन्होंने न तो कोई शोर सुना और न ही किसी संदिग्ध को देखा। ज्योति मिश्र के शरीर पर कोई चोट के निशान भी नहीं मिले हैं। पुलिस जांच कर रही है कि ज्योति ने लूटपाट की बात क्यों बताई।
यह है पूरी घटना
अस्पताल कर्मचारी लक्ष्मीकांत मिश्र की बहू ज्योति मिश्र ने आरोप लगाया था कि बुधवार दोपहर घर में घुसे दो नकाबपोश बदमाशों ने उन पर लोहे के हथियार से वार कर बेहोश कर दिया। बदमाश घर से 15 लाख रुपये के जेवर और 20 हजार रुपये लूट ले गए। पुलिस का दावा है कि लूट का बताया गया 80 फीसदी माल घर में ही मिल गया था।