लोनियनपुरवा गांव में महिला की हत्या कर शव पेड़ से लटकाने के मामले में देर से सूचना देने और तथ्यों को छिपाने के प्रयास में एसओ समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
बुधवार रात घटनास्थल का दौरा कर आईजी ने यह कार्रवाई की। डीआईजी और कमिश्नर भी उनके साथ रहे।
पुलिस अधीक्षक हैप्पी गुप्तन ने बताया कि आईजी, डीआईजी और कमिश्नर के निरीक्षण के बाद उन्हें रानीपुर थाने की पुलिस द्वारा 45 वर्षीया महिला की हत्या के मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई।
थानाध्यक्ष की लापरवाही
यह भी बताया कि थानाध्यक्ष ने बिना वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के पेड़ पर लटक रहे महिला के शव को उतरवाकर आननफानन पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सूचना देर से दी और तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया। आईजी गोरखपुर जोन एसके माथुर के निर्देश के बाद थानाध्यक्ष रानीपुर सलाउद्दीन, हलका दरोगा जनार्दन राय, हेड कास्टेबिल रामध्वज, सिपाही नितिन दुबे और खूबलाल को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थानाध्यक्ष और दरोगा समेत पांचों पुलिसकर्मियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।
नहीं हुई रेप की पुष्टि
पुलिस अधीक्षक हैप्पी गुप्तन ने बताया कि स्लाइड टेस्ट की रिपोर्ट में स्पर्म मेटोजोआ डेड एलाई मिला है।
किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया भी नहीं मिले हैं। जिसके चलते रेप की पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि महिला की हत्या का ही मामला सामने आ रहा है। उसकी भी जांच की जा रही है।
इसलिए की थी हत्या
मीडिया में आई खबर के अनुसार लखनऊ जाने के लिए घर से मंगलवार को निकली बहराइच के रमवापुर ग्राम पंचायत के एक गांव की महिला का अपहरण कर दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी।
बुधवार सुबह उसका शव पेड़ से लटकता मिला। बहराइच के रानीपुर गांव की इस सनसनीखेज वारदात में महिला का कुसूर सिर्फ इतना था कि उसने पड़ोस में रह रहे लोगों के शराब के धंधे का विरोध किया था।
हालांकि पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि महिला के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ।