बागी विधायक रोमी साहनी और बृजेश वर्मा
- फोटो : amar ujala
बसपा के बागी विधायक रोमी साहनी और बृजेश वर्मा ने कहा कि टिकट बेचने को लेकर बसपा की इतनी बदनामी है कि मूंगफली बेचने वाले तक पूछते हैं कि कितने में टिकट खरीदा।
अच्छा होगा मायावती टिकटों की बिक्री से वसूला गया पैसा बैंक में जमा कर दें, जिससे दलितों व गरीबों का इलाज कराया जाए और उनके बच्चों की पढ़ाई। यह पूछने पर कि पैसा बहनजी लेती हैं या कोई और? दोनों ने कहा कि बहनजी के सामने नसीमुद्दीन सिद्दीकी पैसा लेते हैं।
विधानसभा चुनाव तो वही लड़ेगा जो ज्यादा पैसा देगा
साहनी ने बताया कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने 6 जुलाई को 10 बजे उन्हें बुलाकर बहनजी के सामने 5 करोड़ की डिमांड की। बोले-तुम्हारी सीट पर एक सरदारजी तीन करोड़ रुपये दे गए हैं। तुम पांच करोड़ दे दो, तुम्हें ही टिकट दे दिया जाएगा।
हमने जब कहा कि मैंने अपनी तनख्वाह तक गरीबों के इलाज पर खर्च की है। विधायक निधि से होने वालों कामों में भी कमीशन नहीं लेता। तब सिद्दीकी ने कहा कि फिर तुम लखीमपुर खीरी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ना। विधानसभा चुनाव तो वही लड़ेगा जो ज्यादा पैसा देगा।
मायावती के सामने मांगे चार करोड़ रुपये
- फोटो : amar ujala
बृजेश वर्मा ने बताया कि उन्हें भी 6 जुलाई को दोपहर 12 बजे बुलाकर सिद्दीकी ने मायावती के सामने 4 करोड़ मांगे। यह पूछने पर कि उनकी सीट पर बृजेश पाठक को कितने में टिकट दिया गया है? उन्होंने कहा कि पता नहीं, पर सुना है कि बसपा ने मल्लावां से बृजेश पाठक को लड़ाने का फैसला किया है।
पैसा देने के बावजूद टिकट की गारंटी नहीं
दोनों विधायकों ने बताया कि पैसे की वसूली कैश में की जाती है। हालांकि पैसा लेने के बावजूद तय नहीं रहता कि टिकट मिल ही जाएगा। कोई अगर ज्यादा पैसे देने आ गया तो उसे टिकट दे दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बहनजी अगर टिकट बेचना और पैसा वसूली बंद कर दें तो एक दिन वे प्रधानमंत्री बन सकती हैं। इस सवाल पर कि पिछली बार उन्हें कितने में टिकट मिला था। दोनों विधायकों ने कहा कि तब जुगुल किशोर ने उन्हें टिकट दिलाया था और इसके लिए पैसा नहीं देना पड़ा था।
मौर्य अच्छे आदमी, उनसे मिलने जाएंगे
- फोटो : amar ujala
यह पूछने पर कि वे स्वामी प्रसाद मौर्य से मिलेंगे। साहनी ने कहा कि स्वामी प्रसाद अच्छे इंसान हैं। उनसे मिलने जाएंगे, पर इसका मतलब यह नहीं कि वह बसपा छोड़कर उनकी पार्टी में शामिल होने जाएंगे।
क्रॉस वोटिंग का आरोप गलत
दोनों विधायकों ने कहा कि उन पर क्रॉस वोटिंग का आरोप गलत है। राज्यसभा चुनाव में हम दोनों ने पार्टी के निर्देश पर सिद्धार्थ साहब को वोट दिया। इसे सिद्दीकी को दिखाया भी था।
बताया कि उन्हें तो जुगुल किशोर से मिलने पर पार्टी से हटाया गया था। फिर एक दिन सिद्दीकी ने वापस बुलाया और एक कागज पर दस्तखत करा लिए, जिस पर शायद हमारा माफीनामा लिखा था।
यह पूछने पर कि पढ़ा नहीं? बोले, वहां इतनी दहशत रहती है कि कोई कुछ बोल ही नहीं सकता।