छोटे बच्चों में होने वाले कुपोषण का अब सर्वे कराया जाएगा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय ने इसका बीड़ा उठाया है।
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत शून्य से पांच साल तक के बच्चों को सर्वे में शामिल किया जाएगा। इसमें सभी बच्चों का वजन लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के ग्रोथ चार्ट से उसकी तुलना की जाएगी।
सर्वे के जरिये यह पता लगाने की कोशिश होगी कि प्रदेश के कितने प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रही योजनाओं का इन्हें कितना लाभ मिल रहा है।
निदेशालय ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों व जिला कार्यक्रम प्रभारियों को इस सर्वे का सर्कुलर भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी अपनी देख-रेख में ही यह सर्वे कराएंगे।
हर हाल में सर्वे का काम 30 सितंबर तक निपटाने के लिए कहा गया है। सर्वे में अपने- अपने क्षेत्र की आशा व एएनएम का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं। इस सर्वे के आधार पर ही पोषाहार के आगे के कार्यक्रम तय किये जाएंगे।