लखनऊ। बालागंज से नैमिषारण्य वाया गोंडवा (हरदोई) के लिए प्रस्तावित नई रोडवेज बस सेवाएं फिलहाल शुरू नहीं हो सकी हैं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है, जब इस रूट पर बसों के संचालन के लिए न केवल सर्वे हो चुका है, बल्कि समयसारिणी भी बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों के बीच आपसी मनमुटाव के कारण इन बसों का संचालन फंस गया है।
बालागंज से हरदोई रोड स्थित गोंडवा के बीच पहले 10 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाता था। हालांकि, सिटी ट्रांसपोर्ट के बेड़े में शामिल पुरानी सीएनजी बसों को हटाए जाने के बाद गोंडवा रूट की इन बसों को दूसरे मार्गों पर स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद दैनिक यात्रियों के साथ ही अन्य लोगों को परेशानी शुरू हो गई।
इस समस्या के समाधान के लिए जब सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी और परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) आरके त्रिपाठी ने इस रूट पर रोडवेज बसें चलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने नैमिषारण्य तक बसें चलाने के लिए सर्वे भी कराया। सर्वे में सामने आया कि माल में बड़ी बसों को मोड़ने में कुछ परेशानी आ सकती है, जिसके बाद 42 सीटर बसों का संचालन तय किया गया।
सर्वे और समयसारिणी बनने के बाद मामला परिवहन निगम मुख्यालय पहुंचा। सूत्र बताते हैं कि अफसरों की आपसी खींचतान के चलते नई बसों का संचालन बाधित हो रहा है। अफसर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। मुख्यालय में तैनात एक अधिकारी का कहना है कि नई बसों के टेंडर की शर्तों के अनुसार, 42 सीटर बसें केवल निर्धारित टेंडर रूटों पर ही चलेंगी। वहीं, क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि वह गोंडवा रूट पर रोडवेज बसों के संचालन को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं।