नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट घपले में न तो कोई दोषी बचेगा और न ही कोई निर्दोष फंसेगा। वे इस घपले की हुई न्यायिक जांच के आधार पर कार्रवाई तय करने के लिए बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष हैं।
सुरेश खन्ना ने कहा कि रिपोर्ट का अध्ययन कर लिया गया है। जिन अधिकारियों ने अपना पक्ष रखने का अनुरोध किया था, उनका पक्ष भी ले लिया गया है।
उनकी कमेटी दिए गए समय 15 जून तक अपनी रिपोर्ट हर हाल में सीएम को सौंप देगी। इस घपले की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाबत उन्होंने कहा कि वे 15 जून से पहले इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। इतना ही कहेंगे कि मामले में पूरा न्याय होगा।
यहां बता दें कि कई आला अधिकारियों ने न्यायिक जांच में सवालिया निशान लगाया है। उनका कहना है कि सुनवाई का मौका दिए बिना ही लोगों को दोषी ठहरा दिया गया है, इसलिए यह न्यायिक जांच न होकर साधारण जांच है।