वहां पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कालिया लखनऊ के आलमबाग का निवासी है। पुलिस ने उसके प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए तो कालिया की झूठी कहानी खुल गई। इस खुलासे से कोलकाता पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन पुलिस की एक टीम कालिया के बताए गए पते पर पहुंची और वहां छानबीन शुरू की।
कालिया से जिस मकान का पता बताया था, वहां के मकान मालिक ने उसकी फोटो को पहचानने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मकान मालिक का कहना था कि उक्त नाम और शक्ल वाला कोई भी व्यक्ति कभी उनके मकान में किराये पर नहीं रहा। कालिया के झूठ और फर्जीवाड़े से खफा कोलकाता पुलिस अब उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी कालिया के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है। इस केस में अब धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराएं जोड़ दी जाएंगी जिससे उसे जमानत मिलना मुश्किल हो जाएगा। यही नहीं, कोलकाता से उसे बी-वारंट पर लखनऊ लाना भी आसान नहीं होगा। लखनऊ पुलिस को इसके लिए फिर से प्रयास करने होंगे।