रहीमाबाद में हाईवे पर जाम लगाए सूरज के परिजनों और ग्रामीणों को हटाती पुलिस।
मलिहाबाद। रहीमाबाद के तरौना गांव में बृहस्पतिवार को दोस्त को बचाने के दौरान नाले के तेज बहाव में बहे सूरज का 24 घंटे बाद भी पता नहीं चल सका। शुक्रवार शाम तक एसडीआरएफ और गोताखोरों ने कई किलोमीटर तक तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। स्कूबा डाइविंग टीम बुलाने की मांग करते हुए नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने हरदोई हाईवे दो बार जाम किया। पहली बार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया लेकिन मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने दोबारा रास्ता रोक दिया। इसके बाद एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह ने परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया। दोनों बार जाम के चलते करीब 20 मिनट तक आवागमन बाधित रहा।
रहीमाबाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि टीमें लगातार सूरज की तलाश कर रही हैं। गोताखोरों के मुताबिक, नाले में बबूल के पेड़ पड़े होने से कुछ जगहों पर तलाशी में दिक्कत आ रही है। घटना की जानकारी पर सपा सांसद आरके चौधरी और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सीएल वर्मा शुक्रवार दोपहर सूरज के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
ये है मामला
तरौना गांव निवासी रोहित की भैंस बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे नाले में जलकुंभी के बीच फंस गई थी। उसे निकालने के लिए सूरज, नीरज और पिंटू भी पहुंचे थे। भैंस को रस्सी बांधते समय रोहित तेज बहाव में बहने लगा। यह देखकर सूरज ने उसे रस्सी पकड़ाकर बचा लिया लेकिन खुद बहाव की चपेट में आ गया। रोहित रस्सी के सहारे किनारे पहुंच गया। वहीं सूरज की भैंस डूब गई।
रहीमाबाद में हाईवे पर जाम लगाए सूरज के परिजनों और ग्रामीणों को हटाती पुलिस।
रहीमाबाद में हाईवे पर जाम लगाए सूरज के परिजनों और ग्रामीणों को हटाती पुलिस।
रहीमाबाद में हाईवे पर जाम लगाए सूरज के परिजनों और ग्रामीणों को हटाती पुलिस।