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यूपी: चर्चा के बाद विधानमंडल में 8054.49 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पास, विपक्ष ने उठाए सवाल

Thu, 20 Dec 2018 08:57 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व सुरेश खन्ना
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विधानमंडल के दोनों सदनों में बृहस्पतिवार को चर्चा के बाद 8054.49 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पास कर दिया गया। विधानसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने अनुपूरक बजट के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। तमाम विभाग अभी मूल बजट की राशि खर्च नहीं कर पाए हैं। ऐसे में अनुपूरक बजट लाए जाने का कोई औचित्य नहीं है।

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सपा की ओर से संजय गर्ग ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए अनुपूरक को वित्तीय अनुशासनहीनता का नमूना करार दिया। उन्होंने साढ़े आठ महीने बीतने के बावजूद 40 फीसदी भी बजट न खर्च करने वाले विभागों के नाम गिनाकर अनुपूरक लाने पर सवाल खड़ा किया। 

उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट राजस्व घाटा छिपाने की चतुराई भर है। उन्होंने शौचालय निर्माण में कई जिलों में घपले का भी आरोप लगाया। 68500 शिक्षक भर्ती में हीलाहवाली पर भी सवाल खड़े किए। कृषि विभाग में मिट्टी जांच के लिए प्राइवेट एजेंसी चयन में घपले का आरोप लगाते हुए कृषि निदेशक को हटाकर जांच कराने की मांग की।  
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बसपा के नेता लालजी वर्मा ने सीएम योगी पर तंज कसते हुए कहा कि काम से ज्यादा उन्हें अपनी प्रशंसा करना अच्छा लगता है। सरकार को यह भी साफ करना चाहिए कि अनुपूरक बजट के लिए पैसा कहां से आएगा? बजट पर चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष करते हैं पर नेता सदन से चर्चा शुरू कराकर सदन की परंपरा तोड़ी जा रही है।

बजरंग दल की परंपरा जैसी स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्मा ने विकास कार्यों व योजनाओं में विपक्षी सदस्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने बुलंदशहर की घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए तो संसदीय कार्यमंत्री ने इसका प्रतिवाद किया।

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कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो भी उपलब्धियां गिनाई हैं, वे सब केंद्र सरकार की हैं और पहले से चल रही हैं। अनुपूरक बजट में नौजवानों, किसानों व आम लोगों के लिए कुछ नहीं है। 

सरकार पटरी दुकानदारों को उजाड़कर गरीबों के पेट पर लात मार रही है। पुरानी पेंशन के लिए कुछ नहीं हुआ। किसान बदहाल हैं। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जेई-एईएस से लगातार मौतें हो रही हैं लेकिन आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। अपना दल के नील रतन पटेल ने सरकार की जमकर तारीफ की।

चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बजट में धनराशि हमेशा अनुमानों पर आधारित रहती है, इसीलिए अनुपूरक का प्रावधान किया गया है। किसी तरह से वित्तीय अनुशासन नहीं तोड़ा गया है। इसके बाद अग्रवाल ने अनुपूरक बजट पास क रने का प्रस्ताव रखा जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद विधान परिषद में भी अनुपूरक बजट पास हो गया। 
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