पंजाब के वित्त मंत्री ने जीएसटी और नोटबंदी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना तैयारी के किसी भी कानून को लागू करने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। नकल करने का भी तरीका आना चाहिए। केन्द्र सरकार ने आनन-फानन में व्यवहारिक दिक्कतों का अध्ययन किए बगैर ही जीएसटी कानून को लागू कर दिया। यही वजह है कि अब तक करीब 1000 से अधिक बार इस कानून में संशोधन किया जा चुका है। जाते-ताजे कई और संशोधन होने की संभावना है। इसी तरह नोटबंदी करके भी जनता को मुसीबत में डाल दिया गया। आने वाले चुनाव में जनता को इस तरह कार्यों का हिसाब देना होगा। केन्द्र के इन दोनों फैसलों से देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर में गिरावट आई है।