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उलमा व धर्मगुरुओं की मुसलमानों से अपील, शब-ए-बरात पर कब्रिस्तान हरगिज न जाएं, घरों में करें इबादत

Wed, 08 Apr 2020 03:51 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
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शब-ए-बरात नौ अप्रैल को है। लखनऊ में लॉकडाउन के चलते उलमा ने लोगों से कब्रिस्तान न जाने और अपने घरों में इबादत करने की अपील की है।

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वहीं सुन्नी व शिया वक्फ बोर्ड ने कब्रिस्तान कमेटियों और मुतवल्लियों को भीड़ इकट्ठा न होने देने की हिदायत दी है। शब-ए-बरात पर मुसलमान कब्रिस्तान में अपने पुरखों को पुरसा देते हैं।

वहीं शिया समुदाय आधी रात के बाद इमाम के मेहंदी की खुशियां मना आतिशबाजी करता है। अगले दिन सुन्नी समुदाय रोजा रखता है तो शिया समुदाय नजर दिलाता है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैय्यद शुएब ने प्रदेश के सभी वक्फ कब्रिस्तानों की कमेटियों व मुतवल्लियों को निर्देश दिए हैं कि वो कब्रिस्तानों में भीड़ न इकट्ठा होने दें।
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शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने सभी वक्फ के कब्रिस्तान के मुतवल्लियों को भीड़ न होने देने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मुतवल्ली प्रत्येक कब्र की सफाई कर हर कब्र पर एक शमा रोशन करने की व्यवस्था करें। 

बंद रहेंगे कब्रिस्तान के मुख्य द्वार

डालीगंज कब्रिस्तान कमेटी के उपाध्यक्ष जावेद खान ने कहा कि कब्रिस्तान में भीड़ न लगाएं। कहा, शब-ए-बरात में कब्रिस्तान के मेन गेट बंद रहेंगे। सिर्फ छोटा गेट खुलेगा। 

उर्स स्थगित
शब-ए-बरात के अगले दिन बाग मौलवी अनवार रकाबगंज में होने वाला उर्स स्थगित किया गया है। फरंगी महल के सज्जादानशीं अफफान अतीक फरंगी महली ने बताया कि बाग मौलवी अनवार में होने वाला उर्स इस बार नहीं होगा।

कतई न करें जलसों का आयोजन 
इमाम व सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अपील की है कि शब-ए-बरात पर मुसलमान अपने पुरखों की कब्रों पर न जाएं और न ही किसी प्रकार के जलसों का आयोजन करें। इस्लामिक सेंटर में होने वाला जलसा भी स्थगित कर दिया गया है। अपने घरों में ही इबादत करें और अगले दिन रोजा रखकर कोरोना से निजात की दुआ मांगे।
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जरूरतमंदों को भोजन कराएं

इदारा-ए-शरिया फरंगी महल के अध्यक्ष मुफ्ती अबुल इरफान मियां फरंगी महली ने मुसलमानों से अपील की है कि कोरोना वायरस को लेकर मुल्क में जो माहौल है, इसमें हमारा मजहब कब्रिस्तान जाने व जलसा करने की इजाजत नहीं देता। पुरखों का फातेहा घर पर पढें। समाज के गरीब व जरूरतमंदों को भोजन कराएं।

घर पर ही फातेहा पढ़ें
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते कोई भी मुसलमान इस बार शब-ए-बरात पर कब्रिस्तान न जाए। फातेहा घर पर ही पढ़कर पुरखों को इसाले सवाब पहुचाएं। आतिशबाजी कर जश्न भी न मनाएं।

भीड़ से संक्रमण फैलने का खतरा
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने मुसलमानों से कहा, लॉकडाउन में शब-ए-बरात घर पर ही मनाएं। भीड़ से कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है।

घर पर ही करें इबादत
शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने मुसलमानों से कहा, शबे बरात में कब्रिस्तान न जाए। अपने घर पर ही इबादत करें। इमाम मेहंदी की नजर घरों में ही करें। बाहर निकलकर जश्न मनाने से परहेज करें।
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