यूपी में भगवा संगठन में बदलाव की चर्चा जोरों पर हैं। ऐसे में कुछ नेता खुद को संगठन के मुखिया का खास बताकर घूम रहे हैं। वहीं, एक जिले में एक कारोबारी के घर चोरी की घटना को छोटे अफसरों ने फर्जी बता दिया। दूसरी तरफ, नौकरशाही में बदलाव को लेकर अफसरों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है पर उन्हें शंका है कि इसमें मंत्रिमंडल विस्तार की तरह और ज्यादा समय न लग जाए।
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मुखिया के कई मुखौटे
सूबे के भगवा संगठन में बदलाव की चर्चाओं के बीच कई ऐसे पदाधिकारी हैं जो खुद को संगठन के मुखिया का मुखौटा बताते फिर रहे हैं। ऐसे ही एक नेताजी हैं जो पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खुद को मुखिया का सबसे खास नुमाइंदा बताते फिर रहे हैं। साथ ही सबको यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि मुखिया उनसे ही रायशुमारी कर सूची तैयार कर रहे हैं। यही नहीं, वह अपने मौजूदा ओहदे के महफूज होने का दावा भी करते फिर रहे हैं। लोगों को आश्वस्त कर रहे हैं कि मेरा ओहदा बरकरार रहेगा वैसे भी सारे वैसे ही होंगे, जैसे अब तक होते आए हैं।
राजा बोला रात है...
जिले का राजा कायदे-कानून से ऊपर होता है। इसकी बानगी राजधानी के पड़ोसी जिले में देखने को मिली जहां एक कारोबारी के घर चोरी की घटना को छोटे अफसरों ने फर्जी बता दिया। उनकी बात सही मानकर राजा ने जांच ठंडे बस्ते में डाल दी। कारोबारी ने कई जगह फरियाद की लेकिन राजा ने सबको समझा दिया। अब कारोबारी परेशान है कि इलाकाई चोर तो उसे आगे भी लूटते रहेंगे और सुनवाई भी नहीं होगी। बेचारा केवल इतनी गुहार लगा रहा है कि केवल चोर को चिह्नित कर बता दिया जाए। कम से कम आगे सतर्क तो रहेंगे।
नौकरशाही में बदलाव की आहट
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। बीच-बीच में हफ्ते-दो हफ्ते बाद की मंत्रिमंडल विस्तार की तिथियां भी दी जाती रही हैं। इसी बीच नौकरशाही में उच्चस्तर पर भी बदलाव की चर्चाएं जोर पकड़े हुए हैं। कुछ नौकरशाहों ने तो संकेत भी दे दिया है कि उन्हें कौन सा विभाग मिलने वाला है। इन सबके बीच कुछ जानकार यह भी कहते हैं कि कहीं इस बदलाव के लिए मंत्रिमंडल के विस्तार सरीखा इंतजार तो नहीं करना पड़ेगा।
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