लखनऊ। शनिवार को सूरज अपनी सबसे लंबी पारी (करीब 14 घंटे) खेलेगा। ग्रीष्म संक्रांति के कारण 21 जून वर्ष का सबसे बड़ा दिन होगा, जब उत्तरी गोलार्ध में सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक समय तक पृथ्वी पर पड़ेगा। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्ध में यह वर्ष का सबसे छोटा दिन होता है।
राजधानी के ज्योतिषाचार्य एसएस. नागपाल ने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकाव के साथ सूर्य की परिक्रमा करती है। जून में उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर अधिक झुका रहता है, जिससे यहां दिन लंबे हो जाते हैं और उजाले का समय बढ़ जाता है। 21 जून को सूर्योदय सुबह 5:13 बजे और सूर्यास्त शाम 7:03 बजे होगा। यानी राजधानी में दिन का उजाला करीब 14 घंटे तक बना रहेगा। इसके बाद दिन के घटने तथा रातों के बढ़ने का सिलसिला शुरू हो जाता है। 21 सितंबर को दिन और रात लगभग बराबर हो जाते हैं।
नागपाल ने बताया कि सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। इस दिन सर्वाधिक समय तक सूर्य का प्रकाश मिलने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो योग साधना के लिए भी अनुकूल माना जाता है। यही कारण है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाता है।