लखनऊ। केजीएमयू के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की लापरवाही मामले की जांच मंडलायुक्त ने शुरू कर दी है। उन्होंने केजीएमयू से मामले से जुड़ी पत्रावलियां मांगी हैं।
लखनऊ के अर्जुननगर निवासी राजकुमार सिंह सचिवालय में एआरओ हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि चिकित्सकीय लापरवाही की वजह से उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। उन्होंने केजीएमयू के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डाॅ. अभिजीत चंद्रा को दिखाया था। उन्होंने हार्नियां की समस्या बताते हुए सर्जरी के लिए भर्ती किया। 29 सितंबर 2022 को सर्जरी हुई। उस वक्त डॉ. अभिजीत चंद्रा मौजूद नहीं थे और उनके जूनियर डॉक्टरों ने सर्जरी की। इस दौरान आंतें कट गईं। उसे दोबारा भर्ती किया गया। करीब तीन माह तक बिस्तर पर पड़ा रहा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच कराने का आदेश दिया, लेकिन मामला लंबित रहा। ऐसे में शिकायतकर्ता ने दोबारा शिकायत भेजी। इस पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने मंडलायुक्त को जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मंडलायुक्त जांच करेंगे तो पक्ष रखा जाएगा।