सुल्तानपुर जिला जेल की बैरक में गत 9 जून को मृत पाए गए बंदी राम अकबाल (34)ने खुदकुशी नहीं की थी बल्कि उसका कत्ल हुआ था।
अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन चतुर्थ रवि कुमार दिवाकर की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
वहीं जेल प्रशासन ने मौत की तारीख 9 जून बताई है जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मरने की तारीख 8 जून है।
जांच में जेल अधीक्षक बीके सिंह को दोषी पाया गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बंदी को बिना न्यायालय की इजाजत के तन्हाई में रखने पर भी सवाल उठाए हैं। दिवाकर ने चार पृष्ठों की अपनी जांच रिपोर्ट सीजेएम परवेज अहमद को सौंप दी है।
अमेठी जिले के पीपरपुर थाने के खरगीपुर गांव के रंजीत उपाध्याय के बेटे राम अकबाल उपाध्याय को जानलेवा हमले के मामले में इस साल 8 मई को जिला कारागार की बैरक संख्या 2-बी में निरुद्ध किया गया था। नौ जून की रात करीब 1:30 बजे राम अकबाल बैरक में मृत पाया गया था।
जेल प्रशासन ने तब कहा था कि उसने बैरक में गमछे के सहारे खुदकुशी कर ली। सीजेएम परवेज अहमद ने 3 अक्तूबर को इसकी जांच दिवाकर को सौंपी थी।