लखनऊ के रमाबाई आंबेडकर मैदान में आयोजित रैली में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर केंद्र व यूपी की सरकार पर जमकर बरसे। बड़ी संख्या में अपने समर्थकों की मौजूदगी के बीच उन्होंने कहा कि मैं दलितों और पिछड़ों की लड़ाई लड़ रहा हूं। भाजपा ने मुझसे वादा किया था कि अति पिछड़ों को अलग से आरक्षण मिलेगा, लेकिन अब तक नहीं मिला। यहां तक कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी अपना वादा भूल गए।
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मैं अतिपिछड़ों की लड़ाई लड़ने आया हूं। सत्ता का स्वाद चखने नहीं आया हूं। अब मेरा मन ऊब गया है। मैंने इस्तीफा देने का मन बनाया है। 12 प्रदेशों में जाति के आधार पर आरक्षण का बंटवारा हुआ है पर यूपी में अब तक नहीं हुआ।
राजभर ने कहा कि हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा चाहिए। राम मंदिर नहीं चाहिए। पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे डॉक्टर व इंजीनियर बनते थे लेकिन अब सरकारी स्कूल बेहाल हैं। मैं राजनीति में व्यवस्था बदलने आया हूं।
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उन्होंने प्रदेश के बेहतर प्रशासन के लिए इसे चार हिस्सों में विभाजित करने की भी बात कही। उन्होंने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि थानों में अतिपिछड़ों की बात नहीं सुनी जाती। जो कि गलत है। राजभर ने राम मंदिर मुद्दे पर कहा कि भाजपा के लोग सिर्फ झगड़ा लगवाना चाहते हैं। हमें आरक्षण चाहिए। शिक्षा चाहिए। राम मंदिर नहीं चाहिए।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यूपी की भाजपा सरकार के साथ गठबंधन में है। इसके अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर गाजीपुर के जहूराबाद से विधायक और वर्तमान सरकार में दिव्यांग कल्याण विभाग में मंत्री है। वो अक्सर ही भाजपा व इसके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी कर चर्चा में रहते हैं।
राजभर ने बताया कि आरक्षण के मुद्दे पर अमित शाह से दो बार वार्ता हुई। उन्होंने 6 महीने में इसे पूरा करने का वचन दिया था। इसकी मियाद शुक्रवार (26 अक्तूबर) को खत्म हो गई। इसीलिए रैली के लिए 27 अक्तूबर की तारीख घोषित की गई।