सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा राज जैसा अन्याय किसानों के साथ आजादी के बाद से कभी नहीं हुआ। किसान एक पखवाड़े से खुले आसमान के नीचे सड़क पर हैं, लेकिन कोई किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है।
उन्होंने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि किसानों का आंदोलन लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का भी आंदोलन है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार की हठधर्मिता से लोकतंत्र को बचाने के लिए देश का हर नागरिक किसान आंदोलन से भावात्मक तौर पर जुड़ता जा रहा है।
भाजपा का एजेंडा सिर्फ लोगों को झांसा देना है। भाजपा सरकार ग्रामोफोन की अटकी सुई की तरह है। थोड़ा बजकर रुक गई है। जनहित के कामों में उसकी रुचि नहीं है। सच्चाई से उसका दूर-दूर तक रिश्ता नहीं है।
भाजपा से सतर्क रहने की जरूरत
अखिलेश ने कहा कि 2022 में प्रदेश में सपा की सरकार बननी तय है। कार्यकर्ताओं को उसकी तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए। वे गुरुवार को विधान परिषद की वाराणसी स्नातक सीट से निर्वाचित आशुतोष सिन्हा को सपा का टिकट देने के लिए आभार जताने आए कायस्थ समाज के लोगों से बात कर रहे थे।
चौथे दिन भी जारी रहीं किसान यात्राएं
किसान आंदोलन के समर्थन में सपा की किसान यात्रा चौथे दिन गुरुवार को भी प्रदेश भर में जारी रहीं। यात्रा निकालने को लेकर जगह-जगह पुलिस से सपा कार्यकर्ताओं का संघर्ष हुआ। गिरफ्तारी हुई और नेताओं को नजरबंद किया गया। आगरा व मैनपुरी से लेकर मुरादाबाद, जौनपुर, आजमगढ़, कुशीनगर, महराजगंज, बहराइच, श्रावस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ सहित प्रदेश भर में कहीं बैलगाड़ी तो कहीं ट्रैक्टर से यात्राएं निकाली गईं।