सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा को सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते की पैरोल दी है। सहारा को अपनी मां छबि रॉय के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल मिली है। सुब्रत को यह पैरोल मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने दी है, जिसकी मांग सुब्रत की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने की थी। परोल के चार हफ्तों के दौरान सादी वर्दी में सिपाही उनकी निगरानी करेंगे।
सहारा परिवार के मुखिया सुब्रत रॉय सहारा की मां छबि रॉय का देहांत लखनऊ में शुक्रवार को हो गया। सुब्रत रॉय दो साल से तिहाड़ जेल में बंद हैं और मां के निधन पर उन्होंने लखनऊ आने के लिए सुप्रीम कोर्ट से तीन हफ्ते की पैरोल मांगी थी।
बता दें कि सुब्रत रॉय की मां की उम्र 95 साल थी और वह लंबे वक्त से बीमार थीं। शुक्रवार को रात 1:34 बजे उन्होंने लखनऊ में आखिरी सांस ली।
बता दें कि सुब्रत रॉय 4 मार्च 2014 से जेल में हैं। सहारा समूह पर निवेशकों के 24 हजार करोड़ रुपये न लौटाने का आरोप है।
छबि रॉय दो साल से बेटे से मिलने का इंतजार कर रही थीं। सुब्रत राय ने भी सुप्रीम कोर्ट को कई बार मां की खराब तबीयत का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई थी।
बीती एक मई को भी एक मई को सुब्रत रॉय ने गर्मी में तबीयत खराब होने की बात कहकर सुप्रीम कोर्ट से जल्दी फैसला सुनाने की गुहार लगाई थी।