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स्वामी अचानक आए लखनऊ, 3 घंटे रुके, फिर चल दिए

Sat, 23 Nov 2013 08:55 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी शुक्रवार को अचानक लखनऊ आए और लगभग तीन घंटे रुकने के बाद दिल्ली लौट गए।
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उनकी अचानक लखनऊ यात्रा को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं।

कुछ इसे स्वामी के सियासी पड़ाव से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे नरेंद्र मोदी के लिए फीडबैक जुटाने की मुहिम का हिस्सा मान रहे हैं। कुछ इस यात्रा को हाशिमपुरा मामले में उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में दायर याचिका की पैरवी से भी जोड़ रहे हैं।
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स्वामी के निकटस्थ लोगों का कहना है कि वे एक गोपनीय राजनीतिक मिशन पर लखनऊ आए थे, जिसमें तीन-चार जगह गए और दिल्ली लौट गए।

जहां कहीं भी अंदर मिलने गए तो अकेले ही गए। उनके साथ चल रहे लोग बाहर ही गाड़ी में बैठे इंतजार करते रहे। स्वामी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण सहित संघ के कुछ अन्य लोगों से मुलाकात की।
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क्षेत्र प्रचारक के साथ लगभग एक घंटा अकेले में उनकी वार्ता हुई। इसके बाद स्वामी महानगर स्थित एक मकान पर गए और वहां भी किसी से लगभग आधा घंटा अकेले में बातचीत की।

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अटकलें लग रही हैं कि स्वामी ने इस दौरान मोदी के लखनऊ से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर कुछ लोगों से विचार-विमर्श किया। साथ ही रायबरेली के बारे में भी चर्चा की।

उल्लेखनीय है कि संघ व भाजपा के लोग स्वामी को रायबरेली से उतारकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को घेरना चाहते हैं।
मुख्य सचिव से भी मिले सूत्रों के अनुसार, स्वामी की मुख्य सचिव जावेद उस्मानी से भी मुलाकात हुई। हालांकि सरकार के स्तर से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

मुख्य सचिव से मुलाकात के दौरान उन्होंने हाशिमपुरा मामले में उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में दायर याचिका के सिलसिले में बातचीत की। गौरतलब है कि स्वामी ने अगस्त में लखनऊ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में मुख्य सचिव से इस सिलसिले में बातचीत की थी।
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उन्होंने इस मामले में प्रदेश सरकार की तरफ से न्यायालय में पक्ष रखने के लिए किसी को नामित करने की बात कही थी। बताया जाता है कि प्रदेश सरकार के पक्ष न रखने के कारण न्यायालय में सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।

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