अखंडनगर के राहुलनगर में गत वर्ष तोड़ी गई दो कार्यकताओं की प्रतिमाओं को लगवाने और मेले में शामिल होने जा रहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद सुभाषिनी अली को पुलिस ने मंगलवार को शहर में गिरफ्तार कर लिया।
इससे नाराज समर्थकों ने हंगामा किया और गिरफ्तारी दी। पुलिस की कार्रवाई से क्षुब्ध सुभाषिनी अली ने प्रेस कांफ्रेंस करके भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो भाजपा को हराएगा उनकी पार्टी उसे समर्थन देगी।
माकपा नेता सुभाषिनी अली मंगलवार को अखंडनगर क्षेत्र के राहुलनगर जाने के लिए शहर पहुंची थीं। राहुलनगर में उनका कार्यक्रम पार्टी के कार्यकर्ता रहे राधे व संजय यादव की प्रतिमा दोबारा लगवाने का था। 11 सितंबर 2004 को दोनों कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दोनों साथियों की प्रतिमा लगवाई थी। प्रतिमा स्थल पर ही दोनों की पुण्यतिथि मनाई जाती है। गत वर्ष दोनों की प्रतिमा तोड़ दिए जाने के बाद मंगलवार को सुभाषिनी अली उनकी प्रतिमा फिर स्थापित कराने व जनसभा को संबोधित करने राहुलनगर जा रही थीं।
इससे शांतिभंग का अंदेशा देखते हुए पुलिस ने शहर पहुंचने पर माकपा नेता को रोका। उनके नहीं रुकने पर पुलिस ने पूर्व सांसद को पार्टी कार्यालय के पास से गिरफ्तार कर लिया। इस पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब 45 कार्यकर्ताओं ने भी अपनी गिरफ्तारी दी।
एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय व एएसपी मीनाक्षी कात्यायन ने सुभाषिनी अली को गिरफ्तार करने के बाद पयागीपुर स्थित विद्युत पारेषण के निरीक्षण भवन में रखा। शाम पांच बजे निजी मुचलके पर मजिस्ट्रेट ने उन्हें छोड़ दिया।
इसके पहले पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत हुए पूर्व सांसद ने भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि रिलायंस विदेशों में 40 रुपया और भारत में 80 रुपया प्रति लीटर पेट्रोल बेच रहा है।
भारतीय जनता पार्टी की शह पर रिलायंस आम जनता को लूट रहा है। आजादी के 72 साल बाद भी लोग शिक्षा, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
जनवादी नौजवान सभा की बैठक के दौरान सुभाषिनी अली ने भाजपा से निजात दिलाने वाले गठबंधन को समर्थन देने का ऐलान किया। कहा कि प्रदेश में मजबूत भाजपा विरोधी पार्टी को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी समर्थन देगी।
पूरे राष्ट्र में जो भी भाजपा को पराजित करेगा उसे माकपा पूरा समर्थन देगी और सहयोग करेगी। सुभाषिनी ने कहा कि संविधान से दलित, पिछड़ा, सवर्ण शब्द को निकाल कर फेंक देना चाहिए।
उन्होंने मोदी सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। कहा कि बजरंगदल के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं होती। जिला सचिव डीवाईएफआई शशांक ने कहा कि डेढ़ सौ कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी है। शाम को छोड़ दिया। पूर्व सांसद यहीं से वापस हो गईं।