लखनऊ/सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सुल्तानपुर में सोमवार सुबह तेज रफ्तार एसयूवी पीछे से कंटेनर में घुस गई। एसयूवी पर सवार पुलिस विभाग में तैनात उपनिरीक्षक और उनकी मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी समेत पांच लोग घायल हो गए। बच्ची को अयोध्या में भर्ती कराया गया है।
अंबेडकरनगर के बसखारी थाना क्षेत्र के भिटौरा गांव निवासी मनीष वर्मा (32) लखनऊ के गोमतीनगर थाने में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। सोमवार सुबह मनीष वर्मा, मां चंद्रावती (70), पत्नी जया वर्मा, दो माह की बेटी मान्या और भाभी किरन वर्मा पत्नी अखिलेश वर्मा, किरन की दो बेटियां आरुषी वर्मा (8), अनिश्का वर्मा के साथ एसयूवी से लखनऊ जा रहे थे। रास्ते में जयसिंहपुर क्षेत्र के सारंगपुर गांव के समीप पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर उनका वाहन पीछे से कंटेनर में घुस गया। हादसे में उपनिरीक्षक मनीष वर्मा और उनकी मां चंद्रावती की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना में घायल अन्य लोगों को पुलिस की मदद से सीएचसी जयसिंहपुर में भर्ती कराया गया। आरुषि की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल अयोध्या में भर्ती कराया गया है।
परिवार में मचा कोहराम
अंबेडकरनगर के बसखारी क्षेत्र के भिटौरा गांव निवासी राजमणि वर्मा के परिवार में पत्नी चंद्रावती के साथ ही दो पुत्र अखिलेश वर्मा और मनीष वर्मा थे। अखिलेश लखनऊ में ही सहकारी बैंक में मैनेजर हैं। छोटा भाई मनीष पुलिस विभाग में 2015-16 में भर्ती हुआ था। छोटे भाई की शादी परिवारीजनों ने तीन वर्ष पहले ही जया वर्मा के साथ की थी। हादसे में एक साथ मां और बेटे की मौत से कोहराम मचा है। शाम करीब चार बजे पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों शवों को परिवारीजन लेकर गांव चले गये।
खाकी की शान थे मनीष
उपनिरीक्षक मनीष वर्मा महज 32 साल की उम्र में इस दुनिया से विदा हो गए। मगर व्यक्तित्व के धनी मनीष हमारे दिलों में हमेशा रहेंगे। ये कहना है गोमतीनगर थाने के पुलिसकर्मियों का। गोमतीनगर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी ने बताया कि मनीष करीब नौ महीने से उनके साथ तैनात थे। हर वक्त मुस्तैद रहने वाले मनीष छोटी-बड़ी हर वारदात के खुलासे में पूरी जान लगा देते थे। वह खाकी की शान थे। गोमतीनगर थाने पर सोमवार सुबह मनीष की हादसे में मौत की खबर आते ही सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। मनीष की गिनती गोमतीनगर के तेजतर्रार उपनिरीक्षकों में थी। मनीष ने हाल ही में शातिर ठगों के गैंग का भंडाफोड़ कर मास्टरमांइड को दबोचा था। एक बड़े सेक्स रैकेट के खुलासे में भी मनीष का अहम रोल था। धोखाधड़ी, ठगी, चोरी की कई वारदातों का भी मनीष ने बड़ी ही तेजी से खुलासा किया था। पूर्व में चिनहट कोतवाली में भी तैनाती के दौरान मनीष ने कई वारदातों को खुलासा करके आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा था। चिनहट कोतवाली समेत कमिश्नरेट के अन्य पुलिस अधिकारी भी मनीष वर्मा की मौत से दुखी हैं।