लखनऊ। महानगर इलाके के ट्रांजिट हॉस्टल के फ्लैट में रविवार को मृत मिलीं स्वास्थ्य महानिदेशालय की संयुक्त निदेशक (भंडारण) डॉ. रंजना शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट लगने से मौत का पता चला है। हीटर पर गिरने से शरीर बुरी तरह से झुलस गया था।
मूल रूप से एटा की रहने वाली डॉ. रंजना शर्मा स्वास्थ्य महानिदेशालय की संयुक्त निदेशक (भंडारण) पद पर तैनात थीं। वह महानगर कोतवाली क्षेत्र में निशातगंज स्थित ट्रांजिट हॉस्टल के फ्लैट में अकेले रहती थीं। रविवार को डॉ. रंजना के फ्लैट से दुर्गंध आने पर हॉस्टल के केयरटेकर ने महानगर कोतवाली में सूचना दी। पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा तो कमरे में हीटर के पास डॉ. रंजना का शव पड़ा मिला। एक हाथ व एक पैर बुरी तरह से झुलसा था।
रविवार देर रात पोस्टमार्टम हुआ तो करंट लगने से मौत होने की बात सामने आई। आशंका जताई गई कि करंट लगने से मौत होने पर वह हीटर पर गिरी होंगी, इसी के चलते शरीर का कुछ हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत कई दिन पहले हुई थी। महानगर इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि फ्लैट के सभी दरवाजे बंद मिले थे। फिर भी मामले में जांच की जाएगी।
15 दिन से नहीं निकली थीं फ्लैट से
लखनऊ। डॉ. रंजना शर्मा एकांत में रहना पसंद करती थीं। रिश्तेदारों से भी अधिक बातचीत नहीं होती थी। राजाजीपुरम निवासी रिश्तेदार पंकज पाठक ने बताया कि डॉ. रंजना का विवाह हुआ था। मगर कुछ साल बाद ही पति से तलाक हो गया था। तब से वह अकेले रहती थीं। उनके एक भाई मनोज शर्मा दिल्ली में डॉक्टर हैं और दूसरे भाई रतन शर्मा बैडमिंटन कोच हैं। वह 28 दिसंबर 2021 से अवकाश पर थीं। पंकज ने बताया कि मनोज की आखिरी बार 11 जनवरी को डॉ. रंजना से बात हुई थी। जबकि ट्रांजिट हॉस्टल के लोगों से पता चला कि डॉ. रंजना को करीब 15 दिन से किसी ने बाहर निकलते नहीं देखा था।