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नीट काउंसलिंग में सब्सिडी न मिलने से स्टूडेंट्स का हंगामा

Sat, 24 Sep 2016 12:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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हंगामा करते स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
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संजय गांधी पीजीआई के टेलीमेडिसिन सेंटर में चल रही नीट-2016 की काउंसलिंग में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए शुरू काउंसलिंग में सब्सिडी न मिलने से नाराज छात्र-छात्राओं ने हाईकोर्ट और अखिलेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
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काउंसलिंग सेंटर के गेट के सामने खड़े हो गए और किसी भी अभ्यर्थी को अंदर नहीं जाने दिया। शाम तक उनका हंगामा चलता रहा। बाद में पुलिस ने लाठी फटकारकर हंगामा कर रहे छात्र-छात्राओं को वहां से हटाया। तब जाकर चार बजे के बाद काउंसलिंग शुरू हो पाई।

निजी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए सब्सिडी खत्म करने के हाईकोर्ट के फैसले से गरीब छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। पीजीआई के टेलीमेडिसिन सेंटर पर एकत्र छात्र-छात्राओं को जब पता चला कि उन्हें सब्सिडी पर निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिलेगा तो उन्होंने सुबह से ही हंगामा शुरू कर दिया।
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नारेबाजी करते हुए उन्होंने काउंसलिंग सेंटर के दोनों गेट पर कब्जा जमा लिया। जैसे ही काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों को बुलाने का एनाउंसमेंट शुरू हुआ, हंगामा कर रहे छात्र-छात्राओं ने किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया।

आक्रोश देखते हुए बंद करा दी काउंसलिंग

उनके आक्रोश को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग भी बंद कर दी। दोपहर तक उन्हें समझाने का प्रयास किया गया लेकिन कोई माना नहीं।

इसके बाद पुलिस फोर्स को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने भी हंगामा कर रहे छात्र-छात्राओं को शांत कराने की कोशिश की लेकिन कोई माना नहीं। इस पर उन्होंने लाठियां फटकारते हुए सभी को गेट से खदेड़ दिया।

हालांकि इस दौरान भी छात्र-छात्राएं बढ़ी हुई फीस वापस करने की मांग के नारे लगाते रहे। इसके बाद सेंटर पर पीएसी को तैनात कर लगभग शाम चार बजे के बाद वहां काउंसलिंग शुरू कराई गई।
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सब्सिडी की फीस पर कर रहे थे एडमिशन की मांग

छात्र-छात्राएं निजी मेडिकल कॉलेज की 50 फीसदी सीट पर 36 हजार रुपये में प्रवेश की मांग कर रहे थे। जावेद, शिव प्रकाश, राहुल, अंजलि आदि का कहना था कि उन लोगों का एडमिशन 36 हजार सालाना फीस पर निजी कलेजों में हुआ था।

दोबारा कांउसलिंग कराने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनका आवंटन निरस्त हो गया। अब वहां स्टॉल लगाकर बैठे निजी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के लोग 18 से 21 लाख रुपये में प्रवेश दे रहे हैं, जो गरीब छात्रों के बस के बाहर है।

राकेश मिश्रा ने बताया कि उसके भाई सुमित को 2300 रैंक के बाद निजी कॉलेज में सीट आवंटित हो गई थी। लेकिन अब दोबारा काउंसलिंग में उसे 20 लाख रुपसे फीस बताई जा रही है।

अचानक आए इस फैसले से उसका एक साल खराब हो गया है। क्योंकि उसने साउथ के कॉमेट मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया था। जहां मात्र पांच लाख रुपये फीस है। यूपी में सब्सिडी मिलने पर उसने वहां प्रवेश छोड़ दिया है। अब वह दोनों जगह से ही बाहर हो गया है।
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