लखनऊ। माध्यमिक इंटर कॉलेजोें में छात्र-छात्राओं को कॅरिअर से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इसके लिए 156 मॉस्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण रविवार को पूरा हो गया। यूनिसेफ की कार्यशाला में प्रशिक्षण पाने वाले ये ट्रेनर 75 जिलों में अध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे करीब नौ लाख बच्चों को फायदा होगा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों में आवश्यक ज्ञान और कौशल का विकास करना है, जिससे वे विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के आधार पर सही कॅरिअर चुनने के लिए मार्गदर्शन कर सकें, साथ ही अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल कर सकें।
समग्र शिक्षा माध्यमिक के निदेशक विष्णुकांत पांडेय ने बताया कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को भविष्य में सही कॅरिअर चुनने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। हर जिले में दो मॉस्टर ट्रेनर होंगे। कार्यशाला के दौरान सहायक निदेशक प्रतिमा सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग का मुख्य कार्य पढ़ाई-लिखाई से संबंधित है, लेकिन दुर्भाग्यवश हम खुद पढ़ाई लिखाई से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों को नियमित पढ़ाने की सलाह दी।