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आर्ट्स कॉलेज में विद्यार्थियों का प्रदर्शन जारी, परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की कर रहे मांग

Thu, 14 Mar 2019 04:57 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदर्शन करते विद्यार्थी। - फोटो : amar ujala
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लखनऊ विश्वविद्यालय के आर्ट्स कॉलेज के विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। उनकी प्राचार्य व प्रॉक्टोरियल बोर्ड से तीखी नोकझोंक भी हुई। छात्र बृहस्पतिवार को देर शाम तक अंधेरे में ही वीसी कार्यालय के बगल में धरने पर बैठे रहे, साढ़े सात बजे के बाद यहां से हटे। दूसरे दिन भी कॉलेज में तालाबंदी जारी रही।

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कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने प्राचार्य डॉ. रतन कुमार व अन्य शिक्षकों के साथ वार्ता कर वाटर कूलर लगवाने, नई बोरिंग करवाने, प्रैक्टिकल फीस का पैसा जारी करने का आश्वासन दिया। मगर इस पर भी छात्र नहीं माने। वे शुक्रवार से घोषित प्रयोगात्मक परीक्षा की तिथि बदलने व अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 

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विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार को भी कक्षाएं व कार्यालय नहीं खुलने दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शुक्रवार से प्रस्तावित प्रयोगात्मक परीक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि विवि प्रशासन ने उन पर दबाव बनाने के लिए इस तरह का छात्र विरोधी कदम उठाया है। उनसे फीस 40 हजार रुपये ली जा रही है और सुविधाएं 40 रुपये की भी नहीं मिल रही।

बवाल बढ़ता देख कुलपति ने कॉलेज के प्राचार्य व अन्य शिक्षकों को बुलाया और एक-एक कर उनकी मांगों पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई की बोरिंग व वाटर कूलर खराब होने की जानकारी कॉलेज प्रशासन ने क्यों नहीं दी। उन्होंने तुरंत एक नया वाटर कूलर लगवाने और नई बोरिंग करवाने का निर्देश इंजीनियरिंग विभाग को दिया। 

इसी तरह प्रैक्टिकल फीस का फंड जारी करने का आश्वासन भी दिया। प्लेसमेंट की व्यवस्था के लिए डॉ. रविकांत पांडेय को विवि प्लेसमेंट सेल से संपर्क कर इसके लिए काम करने को कहा। नए सत्र में सिलेबस अपडेट कराने को कहा।

वहीं बिल्डिंग की मरम्मत, शिक्षकों की नियुक्ति व अन्य मांगों के लिए कहा कि जब बजट होगा तब इस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्राचार्य को निर्देशित किया कि छात्रों को जाकर समझाएं और आंदोलन खत्म कराएं। प्राचार्य, सभी शिक्षकों के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच गए लेकिन एक घंटे चली बहस के बाद भी छात्र नहीं माने।
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