लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी आगामी सत्र से नेशनल पीजी कॉलेज से भी एक वर्षीय परास्नातक कोर्स की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए महाविद्यालय प्रशासन ने एकेडमिक काउंसिल की बैठक में अनुमोदन दे दिया है। एक वर्षीय परास्नातक कोर्स में केवल चार वर्षीय स्नातक करने वाले विद्यार्थी ही दाखिला ले सकते हैं, इसलिए लविवि के विद्यार्थियों के पास नेशनल कॉलेज में भी दाखिला पाने का अवसर होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में स्नातक को चार वर्षीय कोर्स के रूप में डिजाइन किया गया है। हालांकि इसमें छात्र को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा भी दी गई है। इस समय लखनऊ विवि ही शहर का इकलौता संस्थान है जहां चार वर्षीय स्नातक कोर्स में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इसके इतर किसी भी महाविद्यालय में इसमें छात्रों के दाखिले नहीं हुए थे। नेशनल पीजी कॉलेज को स्वायत्त महाविद्यालय का दर्जा हासिल होने के कारण उसे अकादमिक मामलों में निर्णय लेने की स्वतंत्रता है। महाविद्यालय में गत नवंबर में हुई एकेडमिक काउंसिल में एक वर्षीय परास्नातक कोर्स के लिए अनुमोदन प्रदान किया था।
हालांकि महाविद्यालय में वर्तमान सत्र में चार वर्षीय स्नातक कोर्स का कोई विद्यार्थी न होने के कारण यहां के विद्यार्थी इसमें दाखिला नहीं ले पाएंगे। लेकिन जिन संस्थानों में एनईपी-2020 के अनुसार वर्तमान सत्र में चार वर्षीय यूजी की पढ़ाई हो रही है, वहां के छात्र यहां दाखिला ले सकते हैं।
9320 छात्र-छात्राओं की मार्कशीट डिजी लॉकर पर अपलोड
प्राचार्य प्रो. देवेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं के समग्र विकास के लिए महाविद्यालय में सत्र 2022-23 से एनईपी का सफल क्रियान्वयन कर लिया गया है। क्रेडिट प्रमोशन, मल्टीपल एंट्री व एग्जिट की नियमावली भी तैयार कर ली गई है। साथ ही 9320 विद्यार्थियों की अपार आईडी और एबीसी पोर्टल से लिंक करते हुए उनके क्रेडिट उस पर अपलोड कर दिए गए हैं। सभी अंकतालिकाएं भी डिजी लॉकर पर अपलोड की जा चुकी हैं।
टैलेंट हंट में दिखाएंगे हुनर
नेशनल कॉलेज में 28 फरवरी को एक दिवसीय लेटेंट टैलेंट हंट कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें तकनीक और नवाचार से जुड़े विद्यार्थी समाज को बेहतर बनाने में सहयोग करने के साथ ही प्रकृति, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, विज्ञान से जुड़े हुए तमाम मॉडलो का प्रदर्शन करेंगे। ये मॉडल छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों की निगरानी में तैयार करेंगे। कार्यक्रम में विज्ञान विभाग को तीन और अन्य विभागों को दो-दो नवाचार मॉडल तैयार करने होंगे।