पिछले दिनों आईटीआई करने के नाम पर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत दी गई रकम की बंदरबांट के तमाम मामले सामने आए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तमाम आईटीआई में इस रकम को हड़पने के लिए ही फर्जी एडमिशन दिखाए जाते हैं। इस जांच के पूरा होने में तो थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन इस दौरान डाटा के विश्लेषण में हैरतअंगेज कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं।
पता चला है कि 40 साल से ऊपर के लोगों को भी ‘विद्यार्थी’ दिखाकर इस योजना का लाभ लिया जा रहा है। फिलहाल नियमावली में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि इतनी अधिक उम्र के लोगों को योजना का लाभ न मिले। इसे देखते हुए समाज कल्याण निदेशालय ने नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है।
इसके तहत आईटीआई में प्रवेश लेने वाले उन्हीं छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ मिलेगा, जिन्होंने हाईस्कूल करने के 6 साल के अंदर इसके किसी भी ट्रेड में दाखिला लिया होगा। साथ ही हाईस्कूल की परीक्षा न्यूनतम 55 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की होगी। समाज कल्याण निदेशालय ने यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसकी पुष्टि संबंधित संयुक्त निदेशक, समाज कल्याण ने की है। शासन की सहमति से ही प्रस्ताव तैयार किया गया है, इसलिए जल्द ही इसे हरी झंडी मिल जाएगी।