लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर में शुक्रवार को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे वीरेंद्र कुमार यादव (28) ने फंदा लगा लिया। वीरेंद्र काफी समय से अवसाद में चल रहे थे।
वीरेंद्र के चाचा अमरनाथ के मुताबिक भतीजा मूलरूप से जौनपुर के मुस्तफाबाद का रहने वाला था। खरगापुर में वह भतीजी निशा यादव के साथ रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ ही निजी कंपनी में काम करता था। आठ साल पहले वीरेंद्र के पिता कमलेश और सितंबर 2024 में मां निर्मला की बीमारी से मौत हो गई थी। इस बात को लेकर भतीजा काफी अवसाद में था। चाचा ने बताया कि शुक्रवार शाम वीरेंद्र की बहन निशा छत पर चली गई थी। कुछ देर बाद जब वह नीचे उतरी तो उसे कमरे का दरवाजा बंद मिला। जवाब न मिलने पर निशा, मकान मालिक व पड़ोसी दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंचे तो उन्हें वीरेंद्र क शव पंखे से रस्सी के सहारे लटकता मिला। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार अवस्थी के मुताबिक घरवालों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
निजी कंपनी के कर्मचारी ने फंदा लगाकर दी जान
लखनऊ। फैजुल्लागंज निवासी धीरेंद्र श्रीवास्तव (22) ने शुक्रवार रात घर में गमछे से पंखे के सहारे फंदा लगा लिया। धीरेंद्र के बहनोई नीरज ने बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में करते थे। शुक्रवार रात खाना खाने के बाद परिवार के सभी लोग सो गए थे। सुबह उठने पर घरवालों को धीरेंद्र का शव फंदे से लटकता मिला। धीरेंद्र तीन भाई थे और मां लक्ष्मी देवी हैं। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसलिए आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।